प्लेटफॉर्म बदला, मच गई भगदड़
रिपोर्ट के मुताबिक, शनिवार रात करीब 8:45 बजे स्टेशन पर घोषणा की गई कि प्रयागराज जाने वाली कुंभ स्पेशल ट्रेन प्लेटफॉर्म नंबर 12 से रवाना होगी। हालांकि, कुछ देर बाद एक और घोषणा हुई, जिसमें कहा गया कि यह ट्रेन अब प्लेटफॉर्म नंबर 16 से रवाना होगी। इस बदलाव से यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई और भगदड़ की स्थिति पैदा हो गई।
घटना के वक्त स्टेशन पर पहले से ही भारी भीड़ मौजूद थी। प्लेटफॉर्म 14 पर मगध एक्सप्रेस, प्लेटफॉर्म 15 पर उत्तर संपर्क क्रांति एक्सप्रेस और प्रयागराज एक्सप्रेस के यात्रियों की भीड़ पहले से ही मौजूद थी। जब अचानक ट्रेन का प्लेटफॉर्म बदला गया, तो हजारों यात्री फुटओवर ब्रिज (FOB) की ओर दौड़ पड़े। कई लोग सीढ़ियों पर चढ़ने की कोशिश कर रहे थे, जबकि कुछ यात्री उतर रहे थे। इसी दौरान धक्का-मुक्की शुरू हो गई, कुछ यात्री फिसलकर गिर गए और फिर भगदड़ मच गई।
सीढ़ियों पर फंसी भीड़, बढ़ी तबाही
रिपोर्ट में बताया गया कि कई यात्री सीढ़ियों पर ही गिर पड़े और पीछे से आ रही भीड़ उन पर चढ़ती चली गई। इससे कई लोग बुरी तरह कुचले गए और घातक चोटों की वजह से मौके पर ही दम तोड़ दिया। रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, प्रयागराज एक्सप्रेस में चढ़ने के लिए प्लेटफॉर्म 14 पर खड़े यात्री अचानक प्लेटफॉर्म 12 की ओर दौड़ने लगे, जिससे सीढ़ियों और फुटओवर ब्रिज पर भारी भीड़ जमा हो गई। इससे मार्ग अवरुद्ध हो गया और भगदड़ जैसी स्थिति पैदा हो गई।
रेलमंत्री ने किया साजिश से इनकार
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इस हादसे को लेकर किसी भी तरह की साजिश की संभावना से इनकार किया है। उन्होंने कहा कि घटना के समय स्टेशन पर भीड़ असामान्य रूप से अधिक नहीं थी। वैष्णव ने यह भी कहा कि प्लेटफॉर्म बदलने की घोषणा भगदड़ की वजह नहीं थी, हालांकि जांच समिति इस मामले की गहराई से पड़ताल कर रही है।
उन्होंने यह भी बताया कि नई दिल्ली रेलवे स्टेशन समेत अन्य प्रमुख स्टेशनों की स्थिति की निगरानी के लिए रेल भवन में एक वॉर रूम बनाया गया है, जो लाइव फीड के जरिए हर गतिविधि पर नजर रखता है। इस वॉर रूम के मुताबिक, हादसे के समय स्टेशन पर कोई असामान्य भीड़ नहीं थी।
रेलवे के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, स्टेशन पर पहले ही शाम 7:15 बजे एक प्रयागराज स्पेशल ट्रेन चलाई गई थी। टिकटों की भारी मांग को देखते हुए रात 8:50 बजे एक और स्पेशल ट्रेन चलाई जानी थी, जिसकी घोषणा प्लेटफॉर्म 12 के लिए की गई थी। लेकिन इस घोषणा से कई यात्री भ्रमित हो गए और उन्हें लगा कि यह घोषणा प्रयागराज एक्सप्रेस के लिए की गई है, जो प्लेटफॉर्म 14 पर खड़ी थी।
घोषणा सुनते ही प्रयागराज एक्सप्रेस के यात्रियों ने प्लेटफॉर्म 12 की ओर दौड़ लगा दी, जिससे भगदड़ की स्थिति बन गई। इसी दौरान, सीढ़ियों पर बैठे कुछ यात्री अचानक खड़े हुए और एक व्यक्ति, जिसके सिर पर भारी सामान था, संतुलन खोकर गिर गया। इसके बाद लोगों का एक-दूसरे पर गिरने का सिलसिला शुरू हुआ और भगदड़ मच गई।
रेलवे की सुरक्षा और यात्री सुविधाओं को लेकर इस घटना के बाद कई सवाल उठ खड़े हुए हैं। यात्रियों का कहना है कि अगर प्लेटफॉर्म बदलने की घोषणा पहले से ही स्पष्ट कर दी जाती, तो ऐसी स्थिति पैदा नहीं होती। इसके अलावा, इतनी भीड़ को संभालने के लिए पर्याप्त पुलिस और रेलवे अधिकारियों की मौजूदगी भी जरूरी थी।
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