पावर कट से परेशान दिल्लीवासी- केजरीवाल
केजरीवाल ने कहा, "बीजेपी सरकार ने दिल्ली का बेड़ा गर्क कर दिया है। एक के बाद एक मोहल्ला क्लिनिक बंद हो रहे हैं, अस्पतालों में फ्री दवाइयों और टेस्ट की सुविधा खत्म कर दी गई है। सड़कों की हालत खराब है और चारों ओर गंदगी फैली हुई है।" उन्होंने बिजली संकट को लेकर भी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, “पिछले सात साल में दिल्ली में एक मिनट का भी पावर कट नहीं हुआ था। लेकिन अब छह-छह घंटे की बिजली कटौती हो रही है। यह साफ दिखाता है कि मौजूदा सरकार की नीयत ठीक नहीं है। हर मंत्री ने अपनी ‘दुकान’ खोल रखी है और उन्हें केवल पैसे कमाने से मतलब है, न कि जनता की सेवा से।”
‘एलजी के रहते हुए भी किया काम, मिलना चाहिए नोबेल प्राइज’
केजरीवाल ने कहा कि केंद्र सरकार और उपराज्यपाल ने लगातार उनके काम में बाधाएं डालीं, इसके बावजूद आम आदमी पार्टी की सरकार ने उल्लेखनीय काम किए।
“जितने दिन हमारी सरकार रही, हमें काम नहीं करने दिया गया। इसके बावजूद हमने दिल्ली में स्कूल, अस्पताल और बुनियादी सुविधाएं बेहतर कीं। मुझे लगता है गवर्नेंस और एडमिनिस्ट्रेशन में तो मुझे नोबेल प्राइज मिलना चाहिए।”
अपने संघर्ष के दिनों को याद करते हुए केजरीवाल ने कहा कि जब 2013 में आम आदमी पार्टी ने पहली बार दिल्ली में सरकार बनाई थी, उस वक्त हालात बेहद खराब थे। "मैंने 15 दिन का अनशन किया था, बिजली बिलों को लेकर आंदोलन किया था। लोग बिजली के भारी-भरकम बिलों से परेशान थे। पानी नहीं आता था, लेकिन हजारों रुपये के बिल जरूर आते थे। यही अनुभव लेकर हमने सरकार में सुधार का रास्ता चुना।” केजरीवाल ने कहा कि उनकी पार्टी ने बुनियादी ज़रूरतों को प्राथमिकता दी मुफ्त बिजली, स्वच्छ पानी, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और स्वास्थ्य सेवा।
"हमने तय किया था कि हर परिवार को 200 यूनिट बिजली और 20,000 लीटर पानी मुफ्त देंगे। स्कूल और अस्पताल सुधारना हमारी पहली प्राथमिकता थी। आम आदमी को इन्हीं चीजों की जरूरत होती है, और हमने वही किया।”
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