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सौरभ भारद्वाज का बीजेपी पर तीखा हमला, विवादित टिप्पणी पर कहा, 'हाथ-पैर तोड़ देना चाहिए'

आम आदमी पार्टी (आप) के दिल्ली संयोजक सौरभ भारद्वाज शुक्रवार को भाजपा के मुस्लिम नेता शहजाद पूनावाला पर गुस्से से भड़क गए और उन्होंने इस मामले में कड़ी |

सौरभ भारद्वाज का बीजेपी पर तीखा हमला, विवादित टिप्पणी पर कहा, 'हाथ-पैर तोड़ देना चाहिए'
फोटो: सौरभ भारद्वाज का बीजेपी पर तीखा हमला, विवादित टिप्पणी पर कहा, 'हाथ-पैर तोड़ देना चाहिए'
आम आदमी पार्टी (आप) के दिल्ली संयोजक सौरभ भारद्वाज शुक्रवार को भाजपा के मुस्लिम नेता शहजाद पूनावाला पर गुस्से से भड़क गए और उन्होंने इस मामले में कड़ी प्रतिक्रिया दी। सौरभ भारद्वाज ने पूनावाला के खिलाफ विवादित टिप्पणी करते हुए कहा कि ऐसे लोगों का हाथ-पैर तोड़ देने चाहिए। यह विवाद उस समय उठा जब एक टीवी डिबेट शो में शहजाद पूनावाला और सपा नेता राजकुमार भाटिया के बीच तीखी बहस हो रही थी। इस शो के दौरान, पूनावाला ने यूनिफॉर्म सिविल कोड (यूसीसी) का जिक्र करते हुए एक विवादास्पद बयान दिया। उन्होंने कहा कि अगर किसी को अपनी बहन से शादी करनी है तो वह यह कर सकते हैं, लेकिन अगर वह 15 साल से कम उम्र की लड़की है और पुरुष 60 साल का है, तो दोनों को समान रूप से सजा मिलेगी। इस टिप्पणी के बाद, राजकुमार भाटिया नाराज हो गए और उन्होंने आरोप लगाया कि पूनावाला उनकी बहन के बारे में यह बात कह रहे हैं। 

हालांकि, पूनावाला ने सफाई दी और कहा कि यह बयान भाटिया के लिए नहीं था। लेकिन इसके बाद भी डिबेट में दोनों के बीच बहस जारी रही। सौरभ भारद्वाज ने इस वीडियो को लेकर अपनी तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा, "यह नालायक और घटिया आदमी एक हिंदू को अपनी बहन से शादी करने के लिए कह रहा है, और यह इतनी हिम्मत कर रहा है कि टीवी पर यह सब कह रहा है। पुलिस ने इस पर कोई कार्यवाही क्यों नहीं की? अगर कोई ऐसा बयान दे, तो ऐसे आदमी के हाथ-पैर तोड़ देना चाहिए। अगर मामला कोर्ट तक जाता है तो हम निशुल्क मुकदमा लड़ने के लिए तैयार हैं।" सौरभ भारद्वाज का यह बयान इस बात को लेकर विवादित हो गया कि उन्होंने सार्वजनिक रूप से एक व्यक्ति के खिलाफ इस तरह की हिंसक भाषा का इस्तेमाल किया। हालांकि, उनका कहना था कि इस तरह की बातें लोगों को जिम्मेदार ठहराने के लिए जरूरी हैं, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि समाज में शांति और सम्मान बना रहे। इस मामले ने भारतीय राजनीति में एक नया मोड़ लिया है, खासकर जब से सौरभ भारद्वाज ने यह टिप्पणी की है कि अगर ऐसे मुद्दों पर कार्यवाही नहीं होती, तो उन्हें सीधे तौर पर इस तरह के लोगों से निपटने का अधिकार है। यह बयान कई लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया है, और इसके बाद से मीडिया और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर इसे लेकर प्रतिक्रियाओं का सिलसिला जारी है।