शाह ने यह ऐलान चेन्नई में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन के दौरान किया, जिसमें भाजपा प्रदेश अध्यक्ष के. अन्नामलाई और AIADMK प्रमुख एडप्पादी के. पलानीस्वामी भी उपस्थित थे। उन्होंने कहा, “यह चुनाव राष्ट्रीय स्तर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में और राज्य स्तर पर एडप्पादी पलानीस्वामी के नेतृत्व में लड़ा जाएगा।”
गृह मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि भाजपा एआईएडीएमके के आंतरिक मामलों में कोई हस्तक्षेप नहीं करेगी। उन्होंने कहा, “यह गठबंधन पूरी तरह आपसी विश्वास और सम्मान पर आधारित है। एआईएडीएमके ने कोई शर्त नहीं रखी है और भाजपा की ओर से भी उनके आंतरिक निर्णयों में दखल नहीं दिया जाएगा। यह गठबंधन दोनों दलों के लिए लाभकारी सिद्ध होगा।”
गौरतलब है कि 2016 में पूर्व मुख्यमंत्री जे. जयललिता के निधन के बाद एआईएडीएमके ने भाजपा से गठबंधन किया था। 2021 के राज्य विधानसभा चुनावों में दोनों दलों ने साथ मिलकर चुनाव लड़ा था, जिसमें भाजपा ने चार सीटें जीती थीं। हालांकि, 2023 में दोनों दलों के रिश्तों में दरार आई और एआईएडीएमके ने भाजपा से नाता तोड़ लिया था।
अब एक बार फिर दोनों पार्टियों के एक साथ आने से तमिलनाडु की राजनीति में नई हलचल मच गई है। अमित शाह ने भरोसा जताते हुए कहा, “एनडीए आगामी चुनावों में प्रचंड बहुमत से जीत हासिल करेगा और तमिलनाडु में सरकार बनाएगा।”





