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दिल्ली हाई कोर्ट में सतीश उपाध्याय की जीत को चुनौती, सोमनाथ भारती ने लगाए भ्रष्टाचार के आरोप

दिल्ली हाई कोर्ट में मालवीय नगर विधानसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के उम्मीदवार सतीश उपाध्याय की हाल ही में हासिल की गई चुनावी जीत को चुनौती देने |

दिल्ली हाई कोर्ट में सतीश उपाध्याय की जीत को चुनौती, सोमनाथ भारती ने लगाए भ्रष्टाचार के आरोप
फोटो: दिल्ली हाई कोर्ट में सतीश उपाध्याय की जीत को चुनौती, सोमनाथ भारती ने लगाए भ्रष्टाचार के आरोप
दिल्ली हाई कोर्ट में मालवीय नगर विधानसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के उम्मीदवार सतीश उपाध्याय की हाल ही में हासिल की गई चुनावी जीत को चुनौती देने का मामला सामने आया है। इस सीट से पूर्व विधायक और आम आदमी पार्टी (आप) के प्रमुख नेता सोमनाथ भारती ने हाई कोर्ट में एक विस्तृत याचिका दायर की है। सोमनाथ भारती ने अपनी याचिका में गंभीर दावा करते हुए कहा है कि सतीश उपाध्याय के खिलाफ एक आपराधिक मामला अभी भी लंबित है, जिसके आधार पर उनकी जीत को अवैध घोषित किया जाना चाहिए। इस मामले की सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने सोमनाथ भारती को अपने इस दावे को साबित करने के लिए 8 अप्रैल तक ठोस और प्रामाणिक दस्तावेज पेश करने का निर्देश दिया है। गौरतलब है कि सतीश उपाध्याय ने फरवरी में संपन्न हुए दिल्ली विधानसभा चुनाव में मालवीय नगर सीट से सोमनाथ भारती को 39,564 वोटों के बड़े अंतर से हराकर शानदार जीत दर्ज की थी। 

 सोमनाथ भारती ने अपनी याचिका में सतीश उपाध्याय पर जनप्रतिनिधित्व अधिनियम के प्रावधानों के तहत भ्रष्ट आचरण में लिप्त होने का संगीन आरोप लगाया है। इसके साथ ही, उन्होंने यह भी दावा किया है कि भाजपा नेता के खिलाफ एक आपराधिक शिकायत या प्राथमिकी (एफआईआर) अभी भी न्यायिक प्रक्रिया में लंबित है। दूसरी ओर, सतीश उपाध्याय का पक्ष रखते हुए कोर्ट में पेश हुए वरिष्ठ वकील राजीव नायर ने इन सभी आरोपों का पुरजोर विरोध किया। नायर ने अदालत में सवाल उठाया कि अगर कोई एफआईआर वास्तव में मौजूद है, तो वह कहां है और उसे पेश क्यों नहीं किया गया? उन्होंने जोर देकर कहा कि इस तरह के गंभीर आरोप लगाने के लिए ठोस सबूत या दस्तावेजी सामग्री होना जरूरी है, जिसके आधार पर दावे को सही साबित किया जा सके। सुनवाई के दौरान जज ने सोमनाथ भारती के दावे पर सख्त टिप्पणी करते हुए कहा, "आप दावा कर रहे हैं कि एक शिकायत लंबित है। 

अगर ऐसा है, तो आपको यह स्पष्ट रूप से और निश्चित तौर पर बताना होगा कि वह शिकायत वास्तव में लंबित है। अगर आप कहते हैं कि आपको इसकी पुष्टि नहीं है, तो पहले इसकी सत्यता की जांच कर लें। इसलिए मैं आपको इसके लिए पर्याप्त समय दे रहा हूं। लेकिन अगर यह साबित हो जाता है कि कोई शिकायत लंबित नहीं है, तो इसका मतलब होगा कि आपने अपने हलफनामे में गलत और भ्रामक बयान दिया है।"

 इससे पहले, बुधवार को नई दिल्ली विधानसभा सीट से भाजपा नेता प्रवेश वर्मा की चुनावी जीत को भी हाई कोर्ट में चुनौती दी गई थी। इस मामले में कोर्ट ने प्रवेश वर्मा को औपचारिक नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। याचिका में एक व्यक्ति ने दावा किया कि उसे चुनाव प्रक्रिया में हिस्सा लेने और अपनी उम्मीदवारी पेश करने के लिए नामांकन दाखिल करने की अनुमति नहीं दी गई थी, जिसके चलते चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल उठते हैं। इस याचिका के संबंध में हाई कोर्ट ने चुनाव आयोग, नई दिल्ली सीट से चुनाव लड़ने वाले आम आदमी पार्टी (आप) के प्रमुख नेता अरविंद केजरीवाल, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता संदीप दीक्षित सहित कुल 23 उम्मीदवारों को नोटिस जारी कर उनके जवाब तलब किए हैं। यह मामला भी दिल्ली विधानसभा चुनाव की वैधता और पारदर्शिता को लेकर चल रही बहस को और गर्म कर रहा है।

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