राजनीतिक सफर: संघ प्रचारक से भाजपा प्रदेश अध्यक्ष तक का सफर
70 वर्षीय मदन राठौड़ राजस्थान के पाली जिले के निवासी हैं। उनका राजनीतिक करियर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रचारक के रूप में शुरू हुआ।
- 1970 के दशक में आरएसएस प्रचारक के रूप में सक्रिय रहे।
- 1980 के दशक के मध्य में भाजपा से जुड़े और पार्टी संगठन में महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाईं।
- पाली जिले की सुमेरपुर विधानसभा सीट से दो बार विधायक बने (2003-08 और 2013-18)।
- इन चुनावों में उन्होंने कांग्रेस की बीना काक को हराया।
- 2014 से 2018 के बीच विधानसभा में भाजपा के उप मुख्य सचेतक की भूमिका निभाई।
2018 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने उन्हें टिकट नहीं दिया, जिससे नाराज होकर उन्होंने निर्दलीय चुनाव लड़ने की घोषणा कर दी थी। हालांकि, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के व्यक्तिगत फोन कॉल के बाद उन्होंने अपना नामांकन वापस ले लिया, जिससे उनकी पार्टी के प्रति निष्ठा साफ झलकी। 2024 की शुरुआत में राठौड़ को राज्यसभा सांसद बनाया गया। यह उनकी पार्टी के प्रति निष्ठा और संगठन में उनके प्रभाव का परिणाम था।
मदन राठौड़ ने सीपी जोशी की जगह ली, जिन्हें मार्च 2023 में प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया गया था। चूंकि मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा और जोशी दोनों ही ब्राह्मण समुदाय से आते थे, इसलिए भाजपा को जातीय संतुलन बनाए रखने की जरूरत थी। ऐसे में ओबीसी समुदाय से आने वाले मदन राठौड़ को यह जिम्मेदारी सौंपकर पार्टी ने चुनावी समीकरणों को संतुलित करने की रणनीति अपनाई।
Read This Also:- Rajasthan: वसुंधरा राजे को मिल सकती है बीजेपी में बड़ी जिम्मेदारी, चारभुजा नाथ मंदिर पहुंचने से अटकलें तेज
Read This Also:- Rajasthan: वसुंधरा राजे को मिल सकती है बीजेपी में बड़ी जिम्मेदारी, चारभुजा नाथ मंदिर पहुंचने से अटकलें तेज





