हालांकि पिछले कुछ दिनों से सक्रिय मामलों में निरंतर गिरावट दर्ज की जा रही है। शनिवार को यह संख्या घटकर 672 रह गई और उस दिन कोई नया संक्रमण का मामला सामने नहीं आया। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग के कोविड डैशबोर्ड के अनुसार, बीते 24 घंटे में 212 मरीजों ने कोरोना को मात दी।
एक जनवरी 2025 से अब तक दिल्ली में कोरोना के कुल 1960 मामले दर्ज किए गए हैं, जिनमें से 13 लोगों की मृत्यु हो चुकी है। दिल्ली देश में कोरोना मामलों के लिहाज़ से दूसरे स्थान पर है।
विशेषज्ञों के अनुसार, नए वैरिएंट्स अक्सर अधिक संक्रामक होते हैं, लेकिन जरूरी नहीं कि वे पूर्ववर्ती स्ट्रेनों की तरह घातक भी हों। बुजुर्ग, गर्भवती महिलाएं, छोटे बच्चे और पहले से बीमार लोग अभी भी सबसे अधिक जोखिम में हैं। संक्रमण हल्के लक्षणों से शुरू होकर गंभीर श्वसन समस्याओं तक पहुंच सकता है।
हालांकि विशेषज्ञ यह भी कहते हैं कि बढ़ते मामलों को लेकर घबराने की ज़रूरत नहीं है। जिन लोगों को सर्दी-जुकाम के साथ सांस लेने में कठिनाई हो रही है, उन्हें डॉक्टर से परामर्श लेना चाहिए। अधिकांश संक्रमित व्यक्ति घर पर ही इलाज से ठीक हो जा रहे हैं, इसलिए अस्पताल जाने की आवश्यकता केवल गंभीर स्थिति में ही होती है।





