अजित पवार बारामती में एक सभा को संबोधित कर रहे थे, जहां विभिन्न तहसील और गांवों से किसान अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे थे। किसानों को उम्मीद थी कि डिप्टी सीएम उनकी समस्याओं का समाधान करेंगे, लेकिन पवार का यह अप्रत्याशित और आक्रामक रवैया सबको चौंका गया।
इस बयान के बाद माहौल तनावपूर्ण हो गया, लेकिन मंत्री संजय शिरसाट ने पवार का बचाव करते हुए कहा कि कभी-कभी जनप्रतिनिधि की प्रतिक्रिया गलत तरीके से प्रस्तुत की जाती है। उन्होंने यह भी कहा कि मतदाताओं के व्यवहार को अक्सर नजरअंदाज किया जाता है और केवल नेताओं के बयान को ही ज्यादा महत्व दिया जाता है।
विदेश दौरे से लौटने के बाद अजित पवार ने बारामती में अधिकारियों को कड़ी चेतावनी दी, और कहा कि किसी भी समस्या का समाधान बिना किसी देरी के किया जाए। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि बारामती का रियल एस्टेट बाजार बढ़ रहा है, लेकिन मुंबई और पुणे के बड़े डेवलपर्स ने अभी तक इसमें निवेश नहीं किया है।
Read This Also:- महाराष्ट्र की लाडकी बहिन योजना से बढ़ा खर्च, कृषि ऋण माफी योजना पर पड़ा असर: मंत्री माणिकराव कोकाटे
Read This Also:- महाराष्ट्र की लाडकी बहिन योजना से बढ़ा खर्च, कृषि ऋण माफी योजना पर पड़ा असर: मंत्री माणिकराव कोकाटे





