लाडकी बहिन योजना के तहत राज्य सरकार पात्र महिलाओं को प्रतिमाह 1,500 रुपये की आर्थिक सहायता देती है। हालांकि, इस योजना के चलते हर साल राज्य पर लगभग 46,000 करोड़ रुपये का अतिरिक्त वित्तीय दबाव बन रहा है, जिससे अन्य योजनाओं पर असर पड़ा है। यह योजना 2023 में एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली सरकार द्वारा शुरू की गई थी।
कोकाटे ने आगे कहा कि लाडकी बहिन योजना के अतिरिक्त खर्च ने राज्य के अधिशेष को प्रभावित किया है, जो आमतौर पर किसानों के ऋण माफ करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। उन्होंने कहा, "हम वित्तीय स्थिति की समीक्षा कर रहे हैं, और हम अगले कुछ महीनों में राज्य की आमदनी बढ़ने के बाद कृषि ऋण माफी योजना पर विचार करेंगे।
हम पहले राज्य की आर्थिक स्थिति को मजबूत करना चाहते हैं, ताकि इस योजना को सही तरीके से लागू किया जा सके।"
इसके साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि कृषि ऋण माफी के बारे में अंतिम निर्णय मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री द्वारा लिया जाएगा। कृषि विभाग और सहकारिता विभाग मिलकर इस योजना को लागू करेंगे, ताकि राज्य के किसान लाभान्वित हो सकें।
इसके अलावा, महिला एवं बाल विकास मंत्री अदिती तटकरे ने भी इस मुद्दे पर बयान दिया। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने लाडकी बहिन योजना में फर्जी लाभार्थियों के मामले पर गंभीरता से कार्रवाई करने का निर्णय लिया है। इसके लिए आयकर विभाग और परिवहन विभाग से जानकारी मांगी गई है, ताकि फर्जी लाभार्थियों का सत्यापन किया जा सके।
तटकरे ने कहा, "हम केवल उन लाभार्थियों के खिलाफ कार्रवाई करेंगे, जिनके बारे में शिकायतें प्राप्त हुई हैं और जो पूरी योजना के उद्देश्य को नुकसान पहुंचा रहे हैं।"
राज्य सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि इस योजना का लाभ केवल योग्य पात्र महिलाओं को ही मिलना चाहिए और किसी भी प्रकार की धांधली या गड़बड़ी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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