सोशल मीडिया पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए ममता बनर्जी ने लिखा, "मुझे हैरानी है कि कोर्ट ने इस केस को Rarest of Rare नहीं माना। मुझे पूरा विश्वास है कि यह ऐसा ही मामला है, जिसमें मृत्युदंड जरूरी है। हम इस सजा के खिलाफ अपील करेंगे।" सजा सुनाए जाने से पहले दोषी संजय रॉय ने कोर्ट में खुद को निर्दोष बताया। उसने कहा, "मुझे झूठे मामले में फंसाया गया है। मुझे जबरन कागजों पर दस्तखत करवाए गए। अगर मैं अपराध करता, तो घटनास्थल पर सबूत मिलते।"
अदालत ने सभी सबूतों और गवाहों की गहन जांच के बाद संजय रॉय को दोषी पाया। जज अनिर्बान दास ने कहा, "मैंने सभी दलीलें सुनीं और साक्ष्यों की गहराई से जांच की। यह दुर्भाग्यपूर्ण है, लेकिन तुम्हारा अपराध साबित हो चुका है।" कोर्ट ने संजय रॉय को उम्रकैद के साथ 50 हजार रुपये जुर्माना लगाया।
पीड़िता के परिवार और सीबीआई ने फांसी की सजा की मांग की थी।
अदालत ने मामले को Rarest of Rare मानने से इनकार किया।
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