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Delhi: शराब नीति पर रेखा गुप्ता की बड़ी तैयारी, केजरीवाल वाली गलती दोहराने से इनकार

एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, फिलहाल कोई नई नीति कागज़ पर नहीं है, लेकिन मौजूदा व्यवस्था में सुधार की संभावनाएं तलाशी जा रही हैं। सरकार का फोकस राजस्व |

Delhi: शराब नीति पर रेखा गुप्ता की बड़ी तैयारी, केजरीवाल वाली गलती दोहराने से इनकार
फोटो: Delhi: शराब नीति पर रेखा गुप्ता की बड़ी तैयारी, केजरीवाल वाली गलती दोहराने से इनकार
दिल्ली की आबकारी नीति (एक्साइज पॉलिसी) को लेकर जल्द ही एक बड़ा फैसला सामने आ सकता है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने संकेत दिए हैं कि राजधानी में अवैध रूप से बिकने वाली शराब पर सख्त कार्रवाई की तैयारी हो रही है। हालांकि, इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक ऐलान नहीं हुआ है, लेकिन सूत्रों का कहना है कि सरकार नीति में बड़े बदलावों पर मंथन कर रही है।

नई शराब नीति की तैयारी?


एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, फिलहाल कोई नई नीति कागज़ पर नहीं है, लेकिन मौजूदा व्यवस्था में सुधार की संभावनाएं तलाशी जा रही हैं। सरकार का फोकस राजस्व बढ़ाने और अवैध शराब की तस्करी पर रोक लगाने पर है। NCR से आने वाली अवैध शराब पर विशेष निगरानी रखी जाएगी। अभी निजी कंपनियों को शराब वितरण या बिक्री में शामिल करने की कोई योजना नहीं है। फिलहाल जून तक पुरानी नीति को ही आगे बढ़ाया जाएगा, जब तक नई योजना को अंतिम रूप नहीं दिया जाता। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इस दिशा में सरकार की मंशा जाहिर की। उन्होंने लिखा, "आबकारी विभाग के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। अवैध शराब तस्करी पर पूरी तरह से रोक लगाई जाएगी और राजस्व वृद्धि सुनिश्चित की जाएगी। हमारी सरकार एक पारदर्शी और प्रभावी आबकारी नीति के लिए प्रतिबद्ध है।"

CAG रिपोर्ट में क्या कहा गया


दिल्ली में भाजपा सरकार बनने के बाद नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) की कई रिपोर्टें विधानसभा में प्रस्तुत की गई हैं। इन्हीं में से एक रिपोर्ट में यह दावा किया गया कि पिछली सरकार की आबकारी नीति के चलते दिल्ली को करीब 2000 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। हालांकि, आम आदमी पार्टी (AAP) इन आरोपों को खारिज करती रही है, लेकिन भाजपा ने चुनाव के दौरान इसे बड़ा मुद्दा बनाया और अभी भी इस पर मुखर है।

गौरतलब है कि इसी कथित शराब घोटाले के चलते AAP के संयोजक और पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया, और सांसद संजय सिंह को जेल जाना पड़ा था। हालांकि वर्तमान में ये तीनों नेता जमानत पर रिहा हैं और मामले में कानूनी लड़ाई जारी है।

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