छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में शनिवार को एक बेहद दर्दनाक और भयावह सड़क हादसा हुआ, जिसने पूरे इलाके को शोक की चादर में लपेट दिया। जानकारी के अनुसार, यह हादसा रायपुर के खरोरा-बलौदा बाजार मार्ग पर उस समय हुआ जब एक माजदा वाहन में सवार लोग एक पारिवारिक समारोह से लौट रहे थे। तभी तेज़ रफ्तार में आ रहे ट्रेलर और ट्रक की माजदा वाहन से जबरदस्त टक्कर हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि माजदा वाहन के परखच्चे उड़ गए और घटनास्थल पर ही 13 लोगों की मौत हो गई, जबकि 12 अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। मृतकों में नौ महिलाएं, दो बच्चियां, एक किशोर और एक छह महीने का शिशु शामिल है। यह सभी लोग रायपुर जिले के चटौद गांव से बंसरी गांव में बच्चे के जन्म के बाद होने वाले पारंपरिक 'चौथिया छट्ठी' कार्यक्रम में शामिल होने गए थे और समारोह के बाद वापस लौट रहे थे।
हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस और जिला प्रशासन की टीमें तत्काल मौके पर पहुंचीं और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया। घायलों को प्राथमिक इलाज के लिए तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां से उन्हें रायपुर के डॉ. बी. आर. अंबेडकर मेमोरियल अस्पताल रेफर किया गया।
रायपुर के एसपी लाल उम्मेद सिंह ने बताया कि यह एक पारिवारिक समारोह से लौट रहे ग्रामीणों का जत्था था। हादसा इतना अचानक और जबरदस्त था कि कई लोग वाहन में ही फंसे रह गए। स्थानीय लोगों और प्रशासन की मदद से शवों और घायलों को बाहर निकाला गया।
रायपुर के जिला कलेक्टर गौरव सिंह ने घटनास्थल का दौरा किया और पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन हरसंभव मदद के लिए तैयार है। वहीं पुलिस ने मामले में ट्रेलर चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और हादसे के कारणों की गहराई से जांच की जा रही है।
यह हादसा एक बार फिर से भारी वाहनों की लापरवाही और सड़क सुरक्षा उपायों की कमी को उजागर करता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस मार्ग पर अक्सर तेज रफ्तार वाहनों की आवाजाही होती है, लेकिन प्रशासनिक निगरानी और ट्रैफिक नियंत्रण के अभाव के कारण ऐसे हादसे बार-बार हो रहे हैं।





