Molitics Logo
होम छत्तीसगढ़ में नक्सलियों के खिलाफ जबरदस्त कार्रवाई, 26 से अधिक नक्सली मारे गए

छत्तीसगढ़ में नक्सलियों के खिलाफ जबरदस्त कार्रवाई, 26 से अधिक नक्सली मारे गए

छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले के अबूझमाड़ इलाके में बुधवार सुबह सुरक्षा बलों और माओवादियों के बीच एक जबरदस्त मुठभेड़ हुई, जिसमें कम से कम 27 माओवादी मारे |

छत्तीसगढ़ में नक्सलियों के खिलाफ जबरदस्त कार्रवाई, 26 से अधिक नक्सली मारे गए
फोटो: छत्तीसगढ़ में नक्सलियों के खिलाफ जबरदस्त कार्रवाई, 26 से अधिक नक्सली मारे गए
छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले के अबूझमाड़ इलाके में बुधवार सुबह सुरक्षा बलों और माओवादियों के बीच एक जबरदस्त मुठभेड़ हुई, जिसमें कम से कम 27 माओवादी मारे गए हैं। सूत्रों के अनुसार, नारायणपुर, दंतेवाड़ा, बीजापुर और कोंडागांव के चार जिलों के जिला रिजर्व गार्ड (डीआरजी) ने माओवादी आतंकवादियों के खिलाफ एक संयुक्त अभियान चलाया।

डीआरजी को सूचना मिली थी कि माओवादियों का एक महत्वपूर्ण नेता अबूझमाड़ के किसी खास इलाके में छिपा हुआ है, जिसके बाद सुरक्षा बलों ने उसे घेरने की कार्रवाई शुरू की। अबूझमाड़ क्षेत्र बीजापुर, दंतेवाड़ा, कांकेर और महाराष्ट्र के गढ़चिरौली जिले तक फैला हुआ है, जो माओवादी गतिविधियों का गढ़ माना जाता है। 

यह याद दिलाना जरूरी है कि पिछले महीने ही सुरक्षा बलों ने माओवादियों के खिलाफ एक व्यापक अभियान शुरू किया था। यह ऑपरेशन छत्तीसगढ़-तेलंगाना सीमा के करेगुट्टालू की पहाड़ियों में संचालित था, जिसे 'ब्लैक फॉरेस्ट' कोड नाम दिया गया था। करीब 21 दिनों तक चले इस ऑपरेशन को बंद कर दिया गया था, जिसमें माओवादी नेताओं और उनकी सशस्त्र शाखा, पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी (PLGA), की बटालियन-1 को भारी नुकसान पहुंचाने का दावा किया गया था। यह ऑपरेशन 21 अप्रैल से शुरू हुआ था और सुरक्षा बलों को विभिन्न एजेंसियों से सूचना मिली थी कि हिडमा माडवी समेत कई शीर्ष माओवादी नेता और कमांडर करेगुट्टालू की पहाड़ियों में सक्रिय हैं। उस मुठभेड़ में कुल 31 माओवादी मारे गए थे, जिनमें एक 16 वर्षीय किशोर भी शामिल था। 

इस ऑपरेशन की शुरुआत से पहले केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ), तेलंगाना और छत्तीसगढ़ पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों की एक बैठक हुई थी। अभियान में छत्तीसगढ़ पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स, सीआरपीएफ और तेलंगाना पुलिस के लगभग 7000 जवान शामिल थे। पिछले महीने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के छत्तीसगढ़ दौरे के दौरान उन्होंने माओवादियों के खिलाफ सख्त रुख अपनाने का ऐलान किया था। शाह ने स्पष्ट किया था कि माओवादियों को हथियार छोड़कर मुख्यधारा में आना होगा। उन्होंने यह भी कहा कि मार्च 2026 तक नक्सलवाद को पूरी तरह समाप्त कर दिया जाएगा। शाह ने गांवों को नक्सल मुक्त घोषित करने पर विकास कार्यों के लिए एक करोड़ रुपए की आर्थिक सहायता देने का वादा भी किया था।