देश-विदेश के धार्मिक कार्यक्रमों शिरकत था छांगुर बाबा
ईडी की जांच में सामने आया है कि छांगुर बाबा बलरामपुर स्थित चांद औलिया दरगाह को धर्मांतरण नेटवर्क का केंद्र बनाए हुए था। यहां आयोजित होने वाले धार्मिक कार्यक्रमों में देश-विदेश से लोग शिरकत करते थे। आरोप है कि बाबा और उसके साथियों ने गरीब और दलित हिंदू परिवारों को निशाना बनाकर उनका जबरन धर्म परिवर्तन करवाया। इस मामले में धर्मांतरण की जांच यूपी एटीएस कर रही है, जबकि मनी लॉन्ड्रिंग की जांच ईडी के पास है।
ईडी ने छांगुर बाबा और उसके सहयोगियों के 22 बैंक खातों की जांच की, जिसमें अब तक 60 करोड़ रुपये से अधिक की संदिग्ध वित्तीय गतिविधियों का पता चला है। इन खातों में विदेशों से भेजी गई बड़ी रकम सीधे बाबा और उसके नेटवर्क तक पहुंची। छापों के दौरान ऐसे दस्तावेज भी मिले हैं जो दिखाते हैं कि इस पैसे का इस्तेमाल महंगी प्रॉपर्टी खरीदने और निर्माण में किया गया। इन संपत्तियों को बाबा ने अपने नाम पर न लेकर अपने करीबियों जैसे नवीन रोहरा और नीतू रोहरा के नाम पर खरीदा, ताकि असली कड़ी छुपी रह सके।
गुरुवार को ईडी ने बलरामपुर में छांगुर बाबा की करीबी नसरीन के तीन मंजिला बुटीक को सील कर दिया। नसरीन, बाबा के कथित नेटवर्क की प्रमुख सदस्य है और धर्मांतरण मामले में सह-आरोपी है। एटीएस ने दोनों को उत्तर प्रदेश और अन्य राज्यों में धर्मांतरण से जुड़े एक गुप्त नेटवर्क के मास्टरमाइंड के तौर पर गिरफ्तार किया था।





