निशिकांत दुबे ने 'पटक पटक के मारेंगे वाले बयान पर क्या कहा?
अपने विवादित बयान 'पटक पटक के मारेंगे' पर निशिकांत दुबे ने सफाई देने के बजाय दोहराया कि वे अपने बयान पर आज भी कायम हैं। उन्होंने कहा कि हमारा देश विविधताओं से भरा है। हर राज्य के लोगों को अपनी मातृभूमि से लगाव होता है, लेकिन महाराष्ट्र में हिंदी भाषियों के साथ हिंसा करना गलत है। अगर महाराष्ट्र भारत का हिस्सा है, तो कोई भी देशवासी वहां बस सकता है।
दुबे ने यह भी कहा कि मुंबई में अब सिर्फ 31-32% मराठी भाषी लोग हैं और छत्रपति शिवाजी महाराज के प्रति उन्होंने सम्मान भी व्यक्त किया।
निशिकांत दुबे ने ऑपरेशन ब्लूस्टार को लेकर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि इस सैन्य कार्रवाई की योजना जनवरी-फरवरी 1984 में ही तैयार कर ली गई थी और इसमें ब्रिटेन की प्रधानमंत्री मार्गरेट थैचर की सहमति भी ली गई थी। ऑपरेशन ब्लूस्टार के दौरान ब्रिटिश सैन्य अधिकारी अमृतसर में मौजूद थे। अगर हम किसी विदेशी देश की मदद से अपने ही लोगों से लड़ रहे थे, तो फिर हम कैसे समाजवादी देश थे?
दुबे ने कहा कि 2014 के बाद देश में सोशल मीडिया की ताकत बढ़ी है और अब हर नागरिक 'पत्रकार' बन चुका है। पहले पत्रकारिता पर नियंत्रण था, लेकिन अब सब कुछ पारदर्शी हो गया है। पीएम मोदी खुद हर चीज़ पर नजर रखते हैं। जब मैं उनसे मिलता हूं, तो वे मुझे मेरे क्षेत्र की वो जानकारियाँ बताते हैं जो मुझे भी नहीं पता होतीं। इसलिए उनके शासन में कोई 'डीप स्टेट' नहीं चल सकती।





