मुख्य सचिव के निर्देशानुसार, कार्ययोजना को तीन चरणों में विभाजित किया गया है – 15 दिन, मासिक और 100 दिन। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि योजनाओं और परियोजनाओं का क्रियान्वयन तेज़ी से हो और जनता को जल्द से जल्द लाभ मिले।
संभावित कैबिनेट नोट पर काम शुरू
अगर किसी परियोजना या योजना को मंत्रिपरिषद के सामने प्रस्तुत किया जाना है, तो संबंधित विभाग को उसका मसौदा कैबिनेट नोट तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। विशेष रूप से, स्वास्थ्य विभाग को ‘आयुष्मान भारत योजना’ लागू करने के लिए कैबिनेट नोट तैयार करने को कहा गया है।
गौरतलब है कि पिछली सरकार ने दिल्ली में इस योजना को लागू नहीं किया था, जबकि भाजपा ने चुनाव प्रचार के दौरान सत्ता में आते ही इसे लागू करने का वादा किया था। इसी तरह, सभी विभागों को उन योजनाओं पर भी काम शुरू करने को कहा गया है, जो केंद्र सरकार द्वारा शुरू की गई थीं लेकिन दिल्ली में अब तक लागू नहीं की गईं।
बाढ़ और जलभराव से निपटने की योजना
बरसात के दौरान दिल्ली में जलभराव की समस्या को ध्यान में रखते हुए, दिल्ली नगर निगम (एमसीडी), एनडीएमसी, दिल्ली जल बोर्ड और सिंचाई एवं बाढ़ विभाग को समन्वय स्थापित कर आवश्यक कदम उठाने को कहा गया है। इनमें नालों की सफाई और गाद निकालने जैसी प्राथमिक कार्रवाई शामिल है।
मुख्य सचिव ने सीवर ओवरफ्लो की समस्या को रोकने के लिए भी ठोस योजना बनाने के निर्देश दिए हैं, जिससे राजधानी के विभिन्न इलाकों में जल निकासी की समस्या को दूर किया जा सके।
दिल्ली सरकार का सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) 100 दिनों की कार्ययोजना तैयार करेगा और इसे नई सरकार के समक्ष प्रस्तुत करेगा। सभी विभागों को नई भाजपा सरकार के एजेंडे के अनुरूप योजनाओं को प्राथमिकता देने और उनके क्रियान्वयन को तेज़ी से शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं।
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