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दिल्ली में AAP का किला ढहा! महिलाओं, युवाओं और मध्यम वर्ग ने किसे वोट दिया?

लोकनीति-CSDS के सर्वे के अनुसार, 42% लोगों ने मोदी सरकार के काम से पूरी तरह संतुष्टि जताई, जबकि केजरीवाल सरकार के काम से केवल 28% लोग ही पूरी तरह संतुष्ट थे।

दिल्ली में AAP का किला ढहा! महिलाओं, युवाओं और मध्यम वर्ग ने किसे वोट दिया?
फोटो: BJP, Delhi, AAP
दिल्ली चुनाव में इस बार भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने ऐतिहासिक जीत दर्ज की, जिससे उसका 27 साल का सियासी वनवास समाप्त हुआ। वहीं, आम आदमी पार्टी (AAP) को अप्रत्याशित हार का सामना करना पड़ा, जिससे उसका 12 साल का शासन समाप्त हो गया। अब यह सवाल उठता है कि किन वर्गों ने किसे वोट दिया और किन मुद्दों ने चुनावी नतीजों को प्रभावित किया। लोकनीति-CSDS का एक विस्तृत सर्वे इस संदर्भ में महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान करता है।

मोदी सरकार बनाम केजरीवाल सरकार: किसका काम ज्यादा पसंद आया?


दिल्ली चुनाव के नतीजों से यह साफ हो चुका है कि जनता ने केंद्र सरकार के काम को प्राथमिकता दी और आम आदमी पार्टी की सरकार से नाराजगी जाहिर की। लोकनीति-CSDS के सर्वे के अनुसार, 42% लोगों ने मोदी सरकार के काम से पूरी तरह संतुष्टि जताई, जबकि केजरीवाल सरकार के काम से केवल 28% लोग ही पूरी तरह संतुष्ट थे। इस चुनाव में स्थानीय मुद्दों पर विशेष रूप से ध्यान दिया गया। सड़क, पानी, कानून व्यवस्था और महिला सुरक्षा जैसे बुनियादी विषयों को लेकर मतदाताओं ने खुलकर अपनी राय दी। सर्वे के अनुसार, 51% लोगों ने माना कि सीवर और ड्रेनेज की स्थिति और खराब हुई है, जबकि 47% ने सड़कों की स्थिति को असंतोषजनक बताया। हालांकि, सरकारी स्कूलों और अस्पतालों को लेकर जनता ने अपेक्षाकृत सकारात्मक प्रतिक्रिया दी।

AAP सरकार के खिलाफ वोट क्यों पड़ा?


चुनावी परिणामों से स्पष्ट है कि जनता ने आम आदमी पार्टी की सरकार को बदलने का ठोस निर्णय लिया। सर्वे के अनुसार, 25% लोगों ने भ्रष्टाचार को प्रमुख कारण बताया, जबकि 21% मतदाताओं ने कहा कि वे किसी और पार्टी को मौका देना चाहते थे। खराब शासन, बेरोजगारी और महंगाई जैसे मुद्दे भी महत्वपूर्ण रहे। दिल्ली चुनाव में महिलाओं और पुरुषों के वोटिंग पैटर्न में बड़ा अंतर देखने को मिला। महिलाओं का 49% वोट AAP को गया, जबकि पुरुष मतदाताओं में से 51% ने बीजेपी को समर्थन दिया। इससे स्पष्ट होता है कि महिलाओं ने केजरीवाल सरकार को अपेक्षाकृत अधिक समर्थन दिया, जबकि पुरुष मतदाता बड़ी संख्या में बीजेपी के पक्ष में थे।

मिडिल क्लास और आर्थिक वर्गों का झुकाव


इस चुनाव में मिडिल क्लास ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। सरकार द्वारा 12 लाख तक की आय को टैक्स-फ्री करने की घोषणा का चुनावी परिणामों पर असर दिखा। सर्वे के अनुसार, मिडिल क्लास के 47% मतदाताओं ने बीजेपी को समर्थन दिया, जबकि AAP को 44% वोट मिले। गरीब वर्ग ने AAP को अधिक समर्थन दिया, जबकि अमीर तबके के 60% वोट बीजेपी के खाते में गए। जातिगत आधार पर वोटिंग पैटर्न भी रोचक रहा। ब्राह्मण, राजपूत, बनिया और पंजाबी खत्री समुदायों ने बड़े पैमाने पर बीजेपी का समर्थन किया, जबकि जाट, गुज्जर और यादव मतदाताओं का झुकाव लगभग बराबरी पर रहा। वहीं, वाल्मीकि और जाटव समुदायों ने अधिकतर वोट AAP को दिया, जबकि मुस्लिम मतदाताओं का झुकाव भी आम आदमी पार्टी की ओर अधिक रहा।

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