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एस जयशंकर ने बताया पश्चिम एशिया की स्थिति पर भारत की प्रतिक्रिया

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने सोमवार को संसद में पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष और खाड़ी क्षेत्र की अशांति पर बयान देते हुए कहा कि भारत शांति, बातचीत और कूटनीति को |

एस जयशंकर ने बताया पश्चिम एशिया की स्थिति पर भारत की प्रतिक्रिया
फोटो: S. Jaishankar, India foreign minister
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने सोमवार को संसद में पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष और खाड़ी क्षेत्र की अशांति पर बयान देते हुए कहा कि भारत शांति, बातचीत और कूटनीति को बढ़ावा देने के पक्ष में है। उन्होंने बताया कि हमारी सरकार ने 20 फरवरी को पहले ही बयान जारी कर सभी पक्षों से संयम बरतने की अपील की थी।

विदेश मंत्री ने कहा, भारत लगातार तनाव कम करने और आम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सक्रिय है। इस क्षेत्र में स्थिरता बनाए रखना हमारी जिम्मेदारी है, क्योंकि खाड़ी देशों में लगभग एक करोड़ भारतीय रहते हैं और वहां काम कर रहे हैं। ईरान में भी कई हजार भारतीय छात्र और कर्मचारी हैं। 

पीएम मोदी की सक्रिय भूमिका

एस जयशंकर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगातार इस मामले पर नजर रख रहे हैं। उन्होंने खाड़ी के कई देशों से व्यक्तिगत बातचीत की है और भारत ईरानी विदेश मंत्री के संपर्क में भी है। मंत्री ने जोर देकर कहा कि क्षेत्र में भारतीय समुदाय की भलाई और सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता बनी हुई है।

भारतीय नागरिकों की सुरक्षित वापसी 

विदेश मंत्री ने बताया कि ईरान में फंसे भारतीय छात्रों और बिजनेस से आए नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित करने और भारत लौटाने की मदद की जा रही है। उन्होंने बताया कि तेहरान में भारतीय दूतावास पूरी तरह सक्रिय और हाई अलर्ट पर है। कल तक करीब 67,000 भारतीय नागरिक अंतरराष्ट्रीय बॉर्डर पार कर सुरक्षित लौट चुके हैं। पश्चिम एशिया से नागरिकों की वापसी के प्रयास लगातार जारी हैं, उन्होंने कहा।

ऊर्जा सुरक्षा पर जोर

 एस जयशंकर ने कहा कि यह क्षेत्र भारत की ऊर्जा सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण है। “खाड़ी में तेल और गैस के प्रमुख सप्लायर्स हैं। अगर सप्लाई चेन में रुकावट आती है या अस्थिरता बढ़ती है, तो यह हमारे लिए गंभीर चुनौती होगी,” उन्होंने स्पष्ट किया। उन्होंने यह भी बताया कि अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरान पर हमला और ईरान की जवाबी कार्रवाई ने क्षेत्र में तनाव और एनर्जी कीमतों में वृद्धि को जन्म दिया है।

संकट में भारत की नीतियां

विदेश मंत्री ने संसद में कहा कि भारत सभी प्रभावित देशों के संपर्क में है और हमारे प्रयासों का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र में शांति बनाए रखना और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। उन्होंने विपक्षी सांसदों की नारेबाजी के बीच जोर दिया कि भारत का रुख स्पष्ट है - संयम, संवाद और कूटनीति के माध्यम से स्थिति को सामान्य करने की कोशिश।

जयशंकर ने अंत में कहा, संघर्ष लगातार बढ़ रहा है और आम जिंदगी पर असर डाल रहा है। भारत खाड़ी क्षेत्र में स्थिरता और सुरक्षा के लिए सभी उपाय कर रहा है और हम अपने नागरिकों की रक्षा सुनिश्चित करेंगे।

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