सीएम सरमा ने कहा कि खेड़ा के द्वारा पेश किए गए दस्तावेजों में गंभीर विसंगतियां हैं, जिनसे यह स्पष्ट होता है कि यह डिजिटल हेरफेर और मनगढ़ंत कहानी का हिस्सा है, और इसी के तहत हिमंत बिस्वा सरमा ने पवन खेड़ा के खिलाफ मानहानि केस दायर किया। उन्होंने यह भी कहा कि असम की जनता को इस तरह के दुष्प्रचार से भ्रमित नहीं किया जा सकता।
CM सरमा का खेड़ा के खिलाफ मानहानि केस
पवन खेड़ा ने असम के सीएम पर लगाया आरोप कि सरमा की पत्नी के पास यूएई, मिस्र और एंटीगुआ-बारबुडा के पासपोर्ट हैं। उनका कहना था कि ये पासपोर्ट क्रमशः मार्च 2027, फरवरी 2029 और अगस्त 2031 में समाप्त होंगे। इसके साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि सीएम की पत्नी के पास दुबई में दो संपत्तियां भी हैं, जिनका चुनावी हलफनामे में उल्लेख नहीं किया गया।
CM का कानूनी कदम और दस्तावेज विवाद
सीएम सरमा ने स्पष्ट किया कि पवन खेड़ा के आरोप मनगढ़ंत और दुर्भावनापूर्ण हैं। उन्होंने कहा कि दस्तावेजों में वर्तनी की गलतियां, गलत भाषा संदर्भ और अमान्य क्यूआर कोड जैसी विसंगतियां हैं। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि यूएई पासपोर्ट में एमआरजेड (मशीन रीडेबल ज़ोन) में देश कोड असंगत है, और एंटीगुआ-बारबुडा पासपोर्ट में समाप्ति तिथि और मुद्रित क्षेत्र में अंतर है।
सीएम ने चेतावनी दी कि पवन खेड़ा के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर किया जाएगा और कानून के अनुसार उन्हें जवाबदेह ठहराया जाएगा।
पत्नी रिनिकी भुइयां शर्मा का बयान
सीएम की पत्नी रिनिकी भुइयां शर्मा ने कहा कि उन्हें उम्मीद थी कि राष्ट्रीय पार्टी के नेताओं द्वारा सावधानीपूर्वक तथ्य प्रस्तुत किए जाएं, न कि काल्पनिक दस्तावेज और घटिया डिजिटल छवियां फैलाई जाएं। उन्होंने कहा कि अब कानून अपना काम करेगा और आपराधिक आरोपों की जांच अदालत में होगी।
कांग्रेस का जवाब
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गौरव गोगोई ने कहा कि सीएम सरमा पर लगाए गए आरोप गंभीर और आपराधिक प्रकृति के हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि सीएम ने विदेशी बैंक खातों में कितना पैसा भेजा है और असम तथा भारत के लिए यह शर्मिंदगी कैसे है। गौरव गोगोई ने जांच की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि सीएम को अपने कर्मों की सजा भुगतनी चाहिए।
इस पूरी घटना से स्पष्ट है कि चुनाव से पहले राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का स्तर बढ़ गया है और कानूनी लड़ाई अब गंभीर मोड़ पर है।
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