लाइव लॉ के अनुसार, सुनवाई के दौरान मंत्री की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता के परमेश्वर ने तर्क दिया कि विजय शाह ने सार्वजनिक रूप से माफी मांग ली है और उसका वीडियो ऑनलाइन उपलब्ध है। इस पर अदालत ने तीखी प्रतिक्रिया दी और कहा, “इस तरह की माफी का क्या मतलब है? यह माफी रिकॉर्ड पर कहां है? इससे उनकी ईमानदारी पर और भी ज्यादा शक होता है।”
कर्नल सोफिया पर क्या बोला सुप्रीम कोर्ट
सुनवाई के दौरान जब कोर्ट को बताया गया कि एसआईटी ने शाह का बयान दर्ज कर लिया है, तो पीठ ने जांच दल के एक सदस्य से सवाल किया कि पीड़ित या आहत लोगों के बयान लेने के बजाय मंत्री का बयान दर्ज करना क्यों प्राथमिकता दी गई? जस्टिस सूर्यकांत ने टिप्पणी कि क्या वाकई उसका बयान दर्ज करना इतना जरूरी था? सबसे पहले उन लोगों की बात सुनी जानी चाहिए थी जो सीधे तौर पर प्रभावित हुए हैं।” कोर्ट ने मामले की जांच के लिए गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) को निर्देश दिया कि वह 13 अगस्त तक जांच रिपोर्ट दाखिल करे। अदालत को बताया गया कि एसआईटी अब तक 87 लोगों से पूछताछ कर चुकी है और उनके बयानों का विश्लेषण कर रही है।
कांग्रेस नेता जया ठाकुर की उस याचिका पर जिसमें शाह के इस्तीफे की मांग की गई थी, सुप्रीम कोर्ट ने विचार करने से इनकार कर दिया। हालांकि, अदालत ने यह जरूर स्पष्ट किया कि याचिका में पूर्व मामलों से जुड़े जो आरोप लगाए गए हैं, उनकी भी तीन सदस्यीय एसआईटी द्वारा जांच की जाएगी। इसके बाद अदालत ने अगली सुनवाई की तारीख 18 अगस्त तय की।





