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Delhi Poll: अरविंद केजरीवाल ने डॉक्यूमेंट्री की स्क्रीनिंग पर ‘पुलिस की रोक’ को बीजेपी की तानाशाही बताया, कड़ी निंदा की

दिल्ली विधानसभा चुनाव के दौरान आम आदमी पार्टी ने आज अरविंद केजरीवाल से जुड़ी एक डॉक्यूमेंट्री की विशेष स्क्रीनिंग का आयोजन किया था। हालांकि, बाद में |

Delhi Poll: अरविंद केजरीवाल ने डॉक्यूमेंट्री की स्क्रीनिंग पर ‘पुलिस की रोक’ को बीजेपी की तानाशाही बताया, कड़ी निंदा की
फोटो: BJP, Arvind Kejriwal
दिल्ली विधानसभा चुनाव के दौरान आम आदमी पार्टी ने आज अरविंद केजरीवाल से जुड़ी एक डॉक्यूमेंट्री की विशेष स्क्रीनिंग का आयोजन किया था। हालांकि, बाद में पार्टी ने दावा किया कि दिल्ली पुलिस ने डॉक्यूमेंट्री की स्क्रीनिंग पर रोक लगा दी है, और यह कदम बीजेपी के दबाव पर उठाया गया है। पार्टी के नेताओं ने आरोप लगाया कि यह राजनीतिक प्रतिशोध के तहत किया गया, क्योंकि फिल्म का विषय आम आदमी पार्टी के नेताओं की गिरफ्तारी और उनके साथ किए गए अन्याय को उजागर करता है। वहीं, सेंट्रल दिल्ली पुलिस के डीसीपी ने इस मामले में प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि डॉक्यूमेंट्री की स्क्रीनिंग के लिए कोई औपचारिक अनुमति नहीं ली गई थी, और इसी वजह से इसे रुकवा दिया गया।

 इस मामले पर अरविंद केजरीवाल का बयान भी सामने आया है, जिसमें उन्होंने पूरे घटनाक्रम को बीजेपी की "तानाशाही" और "गुंडागर्दी" करार दिया। उन्होंने कहा, "आम आदमी पार्टी पर एक फिल्म बनाई गई है, और हम इसे आज पत्रकारों के लिए विशेष स्क्रीनिंग के रूप में दिखाने वाले थे। यह कोई सार्वजनिक आयोजन नहीं था, बल्कि एक निजी स्क्रीनिंग थी। हम इस फिल्म को पत्रकारों को दिखाने के लिए बुलाए थे, ताकि वे इसे देख सकें। लेकिन जैसे ही हम इसे दिखाने की कोशिश कर रहे थे, पुलिस ने आज सुबह ही पहुंचकर उसकी स्क्रीनिंग को रोक दिया और कहा कि इसे दिखाना मना है।" केजरीवाल ने स्पष्ट किया कि यह स्क्रीनिंग चुनाव से संबंधित नहीं थी, और न ही इसमें किसी प्रकार का राजनीतिक प्रचार किया जा रहा था।

 "यह पूरी तरह से एक निजी आयोजन था, और इस फिल्म का चुनावी राजनीति से कोई संबंध नहीं था। इस फिल्म में बस उन घटनाओं को दिखाया गया है, जिनमें बीजेपी ने आम आदमी पार्टी के नेताओं को बिना किसी कारण के जेल में डाला था। यह फिल्म बीजेपी के गैरकानूनी और असंवैधानिक तरीकों को उजागर करती है, और शायद यही वजह है कि बीजेपी इस फिल्म से डर गई है।" उन्होंने आगे कहा, "हम इस तरह के निर्णय की कड़ी निंदा करते हैं। यह फिल्म बीजेपी के कुकर्मों और उसकी तानाशाही को उजागर करने का एक प्रयास है, और इसे रोकने का कोई औचित्य नहीं है। हम उम्मीद करते हैं कि हमें इस फिल्म को पत्रकारों और जनता के सामने दिखाने की अनुमति दी जाएगी, ताकि लोग जान सकें कि बीजेपी के नेताओं ने हमारे साथ क्या किया था।"

 केजरीवाल ने कहा कि यह स्क्रीनिंग एक निजी आयोजन था, और इसके लिए किसी भी प्रकार की अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं थी। उन्होंने सवाल उठाया, "अगर यह एक निजी आयोजन था, तो इसके लिए अनुमति की क्या जरूरत थी? यह चुनाव से संबंधित नहीं था। बीजेपी के द्वारा की गई तानाशाही का यह एक खुला उदाहरण है। अगर बीजेपी के नेताओं पर भी कोई फिल्म बनती, तो क्या उससे पहले अनुमति ली जाती?" अरविंद केजरीवाल ने यह भी कहा कि बीजेपी को अपने किए गए कुकर्मों का सामना करना चाहिए और इस तरह के प्रयासों से उनकी सच्चाई सामने नहीं आएगी। उनका आरोप था कि बीजेपी एक राजनीतिक पार्टी होने के बावजूद अपनी सत्ता का दुरुपयोग कर रही है और आम आदमी पार्टी को दबाने के लिए सभी तरह के हथकंडे अपना रही है।

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