इस रिपोर्ट को पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव की उपस्थिति में समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता माता प्रसाद पांडेय ने साझा किया।
अखिलेश यादव ने इस मामले पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वे संभल हिंसा के मामले में उच्च अदालत से कानूनी राय लेने की प्रक्रिया में हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि यह पूरी हिंसा सरकार की ओर से प्रेरित थी और सरकार ने जानबूझकर इस विवाद को बढ़ावा दिया। उनका कहना था कि सरकार की तरफ से इस मामले की जल्दी में सर्वे की कोशिश की गई और यहां तक कि धार्मिक स्थानों से जुड़े "वर्शिप एक्ट" का भी उल्लंघन किया गया। अखिलेश यादव ने कहा कि हिंसा में लोग नहीं, बल्कि पुलिस की गोली से मारे गए और यह एक सरकार द्वारा किया गया अपराध था, जिसे छुपाने की कोशिश की जा रही है।
सपा प्रमुख ने भाजपा को एक ऐसी पार्टी करार दिया, जो समाज में दरार डालने का काम करती है और इंसानियत को तवज्जो नहीं देती। उनका कहना था कि भाजपा के नेतृत्व में लोगों का जीवन मूल्यहीन हो गया है। उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा के दो चेहरे हैं—एक जहां पीडीए के खिलाफ अन्याय हो रहा है और दूसरा जहां भ्रष्टाचार के मामले सामने आ रहे हैं। अखिलेश यादव ने यह कहा कि जैसे-जैसे लोग भ्रष्टाचार की परतों को उधेड़ते जा रहे हैं, सरकार और भाजपा के नेता अब अपने गुनाहों को छुपाने के लिए और हिंसा का सहारा ले रहे हैं।
अखिलेश यादव ने यह भी कहा कि भ्रष्टाचार केवल एक विभाग तक सीमित नहीं है, बल्कि यह कई विभागों में फैला हुआ है। उन्होंने स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग का उदाहरण देते हुए कहा कि यहां भी गड़बड़ियां हो रही हैं, और राज्य में अधिकारियों के साथ मिलकर काले कारोबार किए जा रहे हैं। उनका कहना था कि विश्वविद्यालयों के vice chancellors (VC) बनने के लिए एक खास शर्त रखी गई है, और वह शर्त है कि व्यक्ति को आरएसएस का सदस्य होना चाहिए।
इस पर अखिलेश यादव ने कहा कि यह देश की संस्थाओं को कमजोर करने का एक तरीका है।
अखिलेश यादव ने कुंभ मेले में आए साधुओं के लिए भी एक संदेश दिया, जिसमें उन्होंने कहा कि साधु अपने साथियों को साथ लेकर जाएं ताकि उत्तर प्रदेश में हो रही परेशानियों का समाधान किया जा सके। साथ ही, उन्होंने भाजपा के विधायक के बयान का हवाला देते हुए कहा कि राज्य में 50,000 गायों की हत्या हो रही है, और मुख्यमंत्री इस गंभीर मुद्दे पर चुप हैं। उन्होंने इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की चुप्पी को गंभीर लापरवाही और भ्रष्टाचार का हिस्सा बताया।
अखिलेश यादव ने साफ तौर पर कहा कि समाजवादी पार्टी का उद्देश्य न केवल उत्तर प्रदेश की सत्ताधारी भाजपा सरकार को हटाना है, बल्कि राज्य में लोगों को एक बेहतर जीवन और न्याय प्रदान करना भी है।





