एसपी (सिटी) मानुष पारीक ने बताया कि बारादरी थाना क्षेत्र के सूफी टोला इलाके में जांच के दौरान महिला की पहचान फरहत सुल्ताना उर्फ फरीदा के रूप में हुई। उसके पास से आधार कार्ड, वोटर आईडी और राशन कार्ड जैसे भारतीय पहचान दस्तावेज बरामद हुए हैं, जबकि वह कानूनी रूप से भारतीय नागरिक नहीं है।
जांच में यह भी सामने आया कि फरहत सुल्ताना का जन्म 1961 में पाकिस्तान में हुआ था। उसने बिना वैध नागरिकता प्राप्त किए ही वर्षों से भारत में रहकर सरकारी योजनाओं का लाभ उठाया।
पूछताछ के दौरान सुल्ताना ने भावुक होकर कहा,
“मुझे पाकिस्तानी मत कहो। मैं भारतीय हूं।
मेरा जन्म भले ही पाकिस्तान में हुआ, लेकिन मैं सिर्फ आठ महीने की थी जब बरेली आ गई थी। मैंने कभी पाकिस्तान नहीं देखा। मेरी आंखें भारत में खुलीं, यहीं पली-बढ़ी हूं, और पूरा जीवन यहीं गुजारा है।”
पुलिस ने बारादरी थाने में महिला के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। अधिकारियों का कहना है कि बिना वैध नागरिकता के भारतीय दस्तावेज प्राप्त करना कानूनन अपराध है। इस मामले में सभी दस्तावेजों की वैधता की जांच की जा रही है, और आगे की कानूनी प्रक्रिया जल्द पूरी की जाएगी। बरेली पुलिस द्वारा शुरू किया गया ‘ऑपरेशन खोज’ उन बांग्लादेशी, रोहिंग्या और पाकिस्तानी नागरिकों की पहचान पर केंद्रित है, जो अवैध रूप से भारत में रह रहे हैं। इस अभियान का मकसद सुरक्षा के लिहाज से संवेदनशील इलाकों में घुसपैठियों का पता लगाना और कार्रवाई करना है।





