चरणजीत सिंह चन्नी ने कहा कि जब पहले हमला हुआ था और हमारे 40 जवान शहीद हो गए थे, उस समय भी चुनावी माहौल था। उन्होंने आगे कहा, “आज तक मुझे नहीं पता चला कि वह स्ट्राइक कहां हुई थी। अगर पाकिस्तान में कोई हमला हुआ होता, तो उसके प्रमाण जरूर होते। हमारे देश में अगर कोई बम गिरा तो सबको पता चल जाता है। फिर हम दावा करते हैं कि हमने पाकिस्तान में स्ट्राइक की, लेकिन कहीं कोई सबूत नहीं दिखता।”
उन्होंने सरकार की कूटनीतिक नीतियों पर भी सवाल खड़े किए। “पाकिस्तानी नागरिकों को वापस भेजने से हमें क्या मिला? अटारी बॉर्डर तो पहले से ही सील है। सिंधु जल संधि को भी रोका नहीं जा सकता, तो फिर हमारे जख्मों का इलाज कैसे होगा?” — चन्नी ने कहा। चन्नी ने कहा कि कांग्रेस पार्टी राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे पर सरकार के साथ चट्टान की तरह खड़ी है। उन्होंने कहा, “यह पहलगाम हमले पर कांग्रेस की दूसरी बैठक थी। हमने सरकार को यह आश्वासन दिया है कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में हम पूरी मजबूती से साथ हैं। लेकिन साथ ही हमें यह भी देखना होगा कि आखिर सुरक्षा में बार-बार चूक क्यों हो रही है?”
सांसद ने कहा कि इस हमले में शहीद हुए 26 लोगों को श्रद्धांजलि दी गई और उनके परिजनों के लिए उचित मुआवजे की मांग की गई। उन्होंने कहा, “सरकार को चाहिए कि वह न सिर्फ मुआवजा दे, बल्कि यह भी सुनिश्चित करे कि इन परिवारों का भविष्य सुरक्षित हो।





