सभापति ने सदन से किया वॉकआउट
राज्यसभा में इस मुद्दे को लेकर विपक्ष ने हंगामा किया। खड़गे ने मामले को सभापति के सामने उठाने की कोशिश की। लेकिन सभापति ने उन्हें इजाजत नहीं दी। इसके बाद टीएमसी सांसद डेरेक ओ ब्रायन ने भी इस मुद्दे को उठाना चाहा लेकिन उन्हें भी इजाजत नहीं दी गई। सभापति ने उन्हें चेतावनी देते हुए कहा कि अगर उन्होंने ऐसा दोबारा किया तो उन्हें सदन से बाहर कर दिया जाएगा। लेकिन विपक्ष लगातार इस मुद्दे पर हंगामा करता रहा। इसके बाद कुछ अलग ही देखने को मिला विपक्ष के हंगामे से नाराज सभापति ने सदन से खुद ही वॉकआउट कर दिया। वॉकआउट करने से पहले उन्होंने कहा, “यह मैं नहीं हूँ बल्कि अध्यक्ष पद को चुनौती दी जा रही है। इस चुनौती का कारण यह है कि लोगों को लगता है कि कुर्सी पर बैठा शख्स काबिल नहीं है।”
हुड्डा ने की राज्यसभा भेजने की मांग
वहीं, हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता भूपेंद्र हुड्डा ने विनेश को राज्यसभा भेजने की मांग की है। इसके अलावा कांग्रेस सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने भी यही मांग की। गुरुवार को समाचार एजेंसी एएनआई से बात करते हुए दीपेंद्र हुड्डा ने कहा, “विनेश हारी नहीं है जीती है। विनेश ने दुनिया के करोड़ो लोगों का दिल जीता है। अगर कोई हारा है तो वह स्पोर्ट्स का सिस्टम है।” उन्होंने कहा कि हरियाणा में हमारे पास संख्या बल तो नहीं है लेकिन मेरे इस्तीफे से जो राज्यसभा सीट खाली हुई है। उसके के लिए विनेश सबसे उपयुक्त है, क्योंकि वो देश और दुनिया के सामने संघर्ष क्षमता के रूप में उभर कर आई है। इसलिए हरियाणा की सभी पार्टियों को इस पर विचार करना चाहिए।
इससे पहले भूपेंद्र हुड्डा ने कहा था कि विनेश को गोल्ड मेडल जीतने वाले खिलाड़ियों जैसी सुविधा मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर मेरे पास हरियाणा में बहुमत होता तो मैं विनेश को राज्यसभा भेजता, जिससे सारे देश के खिलाड़ियों को प्रोत्साहन मिलता।





