शाह ने कहा, "अब हमारे पास तीन नए कानून हैं। हम एक ऐसा सिस्टम बना रहे हैं जिसमें एफआईआर से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक न्याय की प्रक्रिया अधिकतम तीन साल में पूरी होगी।" उन्होंने कहा कि इसके लिए सीसीटीएनएस (क्राइम एंड क्रिमिनल ट्रैकिंग नेटवर्क सिस्टम), आईसीजेएस (इंटरऑपरेबल क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम), और फोरेंसिक विज्ञान तकनीक का भरपूर उपयोग किया जाएगा।
गृह मंत्री ने उत्तर प्रदेश की पुलिस भर्ती प्रक्रिया की भी सराहना की। उन्होंने कहा, "इस प्रक्रिया में न सिफारिश चली, न ही जाति या धन का प्रभाव पड़ा। यह पूरी तरह से पारदर्शी और योग्यता आधारित भर्ती थी, जो मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में संभव हुई।" अपने संबोधन में शाह ने भारत की आगामी भूमिका पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा, “2047 तक भारत दुनिया की अग्रणी शक्ति बनेगा और इसमें उत्तर प्रदेश की भूमिका निर्णायक होगी – चाहे वह उद्योग हो, शिक्षा, कानून-व्यवस्था, या आधारभूत ढांचा। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में बड़े बदलाव किए हैं। आज उत्तर प्रदेश दंगा-मुक्त हो चुका है।”
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उनकी सरकार अब तक 8.5 लाख से अधिक सरकारी नौकरियां दे चुकी है, जिनमें पुलिस विभाग में 1.25 लाख पदों पर नियुक्ति की गई है। उन्होंने कहा, “हमारी प्राथमिकता रही है कि सबसे गरीब तबके के युवाओं को भी अवसर मिले। अब वही युवा पुलिस बल का हिस्सा बन रहे हैं।”
योगी ने नए पुलिस कर्मियों को प्रेरित करते हुए कहा, “आप जितना अधिक पसीना बहाएंगे, उतना ही कम खून बहेगा।"





