टीएमसी की राज्यसभा सांसद सागरिका घोष ने मंगलवार सुबह सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर लिखा कि 'टीएमसी का 24 घंटे से धरना जारी है। हमें सोमवार शाम 5 बजे चुनाव आयोग के दफ्तर के सामने से दिल्ली पुलिस ने धक्का देकर और दुर्व्यवहार करते हुए हिरासत में ले लिया था। पहले पुलिस हम लोगों को बस से एक अज्ञात जगह ले गयी। उसके बाद हमें मंदिर मार्ग पुलिस स्टेशन लाया गया। वहाँ हमने रात बिताई। मोदी सरकार द्वारा केंद्रीय एजेंसियों एनआईए, सीबीआई, आईटी और ईडी का दुरुपयोग किया जा रहा है। इसके खिलाफ आज सुबह से फिर हमारा धरना जारी है।'
चुनाव आयुक्त से मिलने गया थे टीएमसी नेता
सोमवार को टीएमसी सांसदों और नेताओं का एक प्रतिनिधिमंडल केंद्रीय एजेंसियों के दुरुपयोग को लेकर चुनाव आयुक्त से मिलने पहुंचे था। लेकिन चुनाव आयुक्त ने उन्हें मिलने का वक्त नहीं दिया। इससे नाराज़ टीएमसी नेता चुनाव आयोग के दफ्तर के सामने धरने पर बैठ गए। धरने पर बैठने वालों में सांसद डेरेक ओ ब्रायन, डोला सेन, साकेत गोखले, सागरिका घोष, मोहम्मद नदीमुल हक, विधायक विवेक गुप्ता, पूर्व सांसद अर्पिता घोष, शांतनु सेन और अबीर रंजन विश्वास और यूथ विंग उपाध्यक्ष सुदीप शामिल थे।
चुनाव आयोग के बाहर प्रदर्शन करने की अनुमति नहीं
दिल्ली पुलिस ने कहा है कि इलाके में धारा 144 लागू है। चुनाव आयोग के बाहर प्रदर्शन करने की अनुमति नहीं है। इस वजह से नेताओं को हिरासत में लिया गया। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि सभी टीएमसी नेताओं को रिहा कर दिया गया है। सभी महिला प्रदर्शनकारियों को सूर्यास्त से पहले ही रिहा कर दिया गया था। पुरुष प्रदर्शनकारियों को रात नो बजे रिहा कर दिया गया था। लेकिन टीएमसी नेताओं ने कहा कि वे पुलिस थाने के बाहर अपना विरोध जारी रखेंगे।
ममता भी लगा चुकी हैं आरोप
प.बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने रविवार को पुरुलिया जिले की एक रैली में आरोप लगाया था कि केंद्रीय जांच एजेंसियां ईडी, एनआईए और सीबीआई, भाजपा के लिए काम कर रही है। ममता ने कहा था कि केंद्र एजेंसियों के जरिए टीएमसी नेताओं को परेशान किया जा रहा है। केंद्रीय जांच एजेंसियां बिना किसी पूर्व सूचना के घरों में घुस कर छापेमारी कर रही हैं। ममता बनर्जी ने कहा था अगर मोदी सरकार एक बार फिर बनती है तो विपक्ष के नेताओं को बिना जांच के ही जेल में भेज दिया जाएगा।





