इन समूहों ने संबंधित कर्मचारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
कर्नाटक के मुख्यमंत्री ने इस घटना की निंदा करते हुए इसे स्थानीय भाषा का अपमान बताया। उन्होंने कहा कि बैंक कर्मचारियों को ग्राहकों के साथ सम्मानजनक व्यवहार करना चाहिए और स्थानीय भाषा में संवाद करने का प्रयास करना चाहिए। इस पर एसबीआई द्वारा मैनेजर का स्थानांतरण करने की त्वरित कार्रवाई की सराहना की गई। मुख्यमंत्री ने वित्त मंत्रालय से अपील की है कि पूरे देश में बैंक कर्मचारियों को सांस्कृतिक और भाषाई संवेदनशीलता का प्रशिक्षण अनिवार्य रूप से दिया जाए।
भाजपा सांसद ने भी इस घटना की आलोचना करते हुए कहा कि बैंकिंग जैसे क्षेत्र में ग्राहकों से उनकी भाषा में संवाद करना आवश्यक है। उन्होंने संसद में भी यह मुद्दा उठाया है कि बैंकिंग सेवाओं में स्थानीय भाषा जानने वाले कर्मचारियों की नियुक्ति की जाए।
इस विवाद ने यह सवाल खड़ा किया है कि क्या देश में भाषाई विविधता और स्थानीय भाषाओं के प्रति संवेदनशीलता को बढ़ावा देने के लिए नीतियां बनाई जानी चाहिए।
एसबीआई ने घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए कर्मचारी का तबादला कर दिया है और भविष्य में कर्मचारियों को स्थानीय भाषाओं और ग्राहकों के प्रति सम्मानजनक व्यवहार के लिए प्रशिक्षित करने का आश्वासन दिया है।





