जैसलमेर जिले में तेज हवा में भरभरा कर गिरा पिलर
घटना सोमवार सुबह की बताई जा रही है। जब छात्र स्कूल से बाहर निकल रहा था, तभी तेज हवा के झोंके से स्कूल के गेट का पिलर अचानक गिर पड़ा और सीधा अरबाज पर आकर गिरा। बच्चा पिलर के नीचे दब गया और उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
शिक्षक अशोक सोनी उसी समय वहां मौजूद थे। उन्होंने पिलर को गिरते हुए देखा और बचने की कोशिश की, लेकिन पिलर उनके पैरों पर गिर गया, जिससे दोनों पैरों में गंभीर चोट आई है। फिलहाल वे अस्पताल में भर्ती हैं और स्थानीय प्रशासन मौके पर मौजूद है। ग्रामीणों का आरोप है कि स्कूल गेट की स्थिति पिछले तीन सालों से जर्जर थी, लेकिन प्रशासन ने इसे लेकर कोई कार्रवाई नहीं की। हादसे को रोका जा सकता था यदि समय पर मरम्मत करवाई गई होती।
बेनीवाल ने राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला
हादसे को लेकर आरएलपी प्रमुख और सांसद हनुमान बेनीवाल ने राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा,
“झालावाड़ के बाद अब जैसलमेर में एक और गंभीर हादसा सामने आया है। स्थानीय लोगों ने बताया है कि गेट कई सालों से जर्जर था, फिर भी किसी ने सुध नहीं ली। सरकार को अब बयानबाज़ी से ऊपर उठकर ज़िम्मेदारी निभानी चाहिए।”
यह हादसा ऐसे समय में हुआ है जब दो दिन पहले ही झालावाड़ जिले के एक सरकारी स्कूल में छत गिरने से 7 बच्चों की जान चली गई थी और 22 अन्य घायल हुए थे। उस मामले में अब तक 6 अधिकारियों को निलंबित किया जा चुका है। स्कूल हादसे के बाद शिक्षा विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कुल 10 लोगों को निलंबित किया है, जिनमें पांच शिक्षक शामिल हैं। निलंबित शिक्षकों को सुरक्षा कारणों के चलते फिलहाल स्थानीय थाने में रखा गया है। उनके परिजनों को भी सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
इस दुर्घटना में घायल हुए 21 बच्चों का इलाज अस्पताल में जारी है। इनमें से नौ बच्चों की हालत शुरू में गंभीर थी, लेकिन अब केवल दो की स्थिति में ही मामूली सुधार देखा गया है।





