सैम पित्रोदा के विवादित बयान और पीएम मोदी
कोलकाता मुख्यालय स्थित अंग्रेजी अख़बार द स्टेट्समैन को दिये इंटरव्यू में पित्रोदा ने भारत की विविधता पर टिप्पणी करते हुए कहा था कि कैसे दक्षिण भारत के लोग अफ्रीका की तरह दिखते हैं, पूर्व के लोग चीनी की तरह दिखते हैं और पश्चिम के लोग अरब की तरह दिखते हैं, इस से कोई फर्क नहीं पड़ता है क्योंकि हम सभी भाई - बहन हैं।
पित्रोदा ने कहा था कि भारत के लोग 75 वर्षों से एक बहुत ही खुशहाल माहौल में रहे हैं। लोग इधर-उधर के कुछ झगड़ों को छोड़कर एक साथ रह सकते हैं। भारत के लोग अलग - अलग क्षेत्रों से होने के बावजूद भी विभिन्न भाषाओं, धर्मों, भोजन और रीति-रिवाजों का सम्मान करते हैं। उन्होंने कहा कि वे इसी तरह के भारत में विश्वास करते हैं, जहां हर किसी के लिए एक जगह है और हर कोई थोड़ा-बहुत समझौता करता है।
बयानों पर पीएम मोदी ने सैम पित्रोदा समेत कांग्रेस को घेरते हुए कहा था कि देश के लोग चमड़ी के रंग के आधार पर अपमान बर्दाश्त नहीं करेंगे। उन्होंने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा, “शहजादे, आपको जवाब देना होगा। मेरा देश चमड़ी के रंग के आधार पर मेरे देशवासियों का अपमान बर्दाश्त नहीं करेगा। मोदी इसे कभी बर्दाश्त नहीं करेगा।” इस बीच कांग्रेस ने तुरंत ही पित्रोदा की टिप्पणियों से दूरी बना ली थी।
पित्रोदा का एक और बयान अप्रैल के महीने में विवाद का हिस्सा बना था। उन्होंने कहा था कि अमेरिका में विरासत कर एक दिलचस्प कानून है और यह उन मुद्दों में से एक हो सकता है जिन पर भारत में लोग बहस और चर्चा कर सकते हैं। अमेरिका में विरासत कर के अनुसार, अगर किसी शख्स के पास 10 करोड़ डॉलर की संपत्ति है तो उनकी मौत के बाद 45 फीसदी संपत्ति उनके बच्चों को मिलती है और 55 फीसदी संपत्ति पर सरकार का अधिकार हो जाता है।
पीएम मोदी ने एक बार फिर कांग्रेस को घेरते हुए कहा था कि कांग्रेस की नजर अब सभी भारतीयों की संपत्ति पर है। उन्होंने कहा, “अब ये लोग एक कदम आगे बढ़ गये हैं। कांग्रेस अब कहती है कि वह विरासत कर लगायेगी। यह माता-पिता से प्राप्त विरासत पर कर लगायेगी। आपने अपनी मेहनत से जो संपत्ति अर्जित की है वह आपके बच्चों को नहीं दी जायेगी। कांग्रेस के पंजे आपसे वह भी छीन लेंगे।”





