प्रियंका चतुर्वेदी ने तंज कसते हुए कहा, “डोनाल्ड ट्रंप लगातार ऐसे हास्यास्पद दावे कर रहे हैं, मानो उन्हें उम्मीद हो कि इस तरह के बयान देकर वे नोबेल शांति पुरस्कार हासिल कर लेंगे।” उन्होंने आगे कहा, “भारत और पाकिस्तान की तुलना करना भारत के प्रति अनादर है। एक ओर भारत जैसा बुद्धिमान और परिपक्व राष्ट्र है, तो दूसरी ओर ऐसा देश, जहां पर नेताओं का नियंत्रण सेना ने छीन लिया है। ट्रंप का यह बयान न सिर्फ भ्रामक है, बल्कि भारत की गरिमा के खिलाफ भी है।”
राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने संबोधन में कहा, “जैसा कि मैंने अपने उद्घाटन भाषण में कहा था, मेरी सबसे बड़ी आकांक्षा है शांतिदूत बनना और विश्व में एकता लाना। मैं युद्ध पसंद नहीं करता, भले ही हमारे पास दुनिया की सबसे बड़ी सेना हो। हाल ही में, मेरे प्रशासन ने भारत और पाकिस्तान के बीच संभावित युद्ध को टालते हुए संघर्षविराम को सफलतापूर्वक लागू किया।”
उन्होंने यह भी दावा किया कि उनके प्रशासन ने परमाणु संघर्ष को रोक दिया और दक्षिण एशियाई देशों से अपील की कि यदि वे शत्रुता समाप्त करें, तो अमेरिका उनके साथ व्यापार बढ़ाने को तैयार है।
इस बीच, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को आदमपुर एयरबेस का दौरा किया।
इसे लेकर प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा, “पाकिस्तान की मीडिया, सेना प्रमुख और डीजीएमओ ने यह अफवाह फैलाई थी कि पाकिस्तान ने आदमपुर एयरबेस पर हमला किया है, लेकिन प्रधानमंत्री मोदी की वहां मौजूदगी ने इन दावों की पोल खोल दी है। सवाल यह है कि क्या पाकिस्तानी आर्मी चीफ असीम मुनीर और प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ अब भी किसी सुरक्षित एयरबेस पर उतर पाएंगे? क्योंकि भारतीय सशस्त्र बलों ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के जरिए उनके कई ठिकानों को तबाह कर दिया है।”





