पीएम मोदी ने बताया कि भारत ने हमले का जवाब निर्णायक और तीव्र गति से दिया। "22 तारीख को हमला हुआ और उसके जवाब में 22 मिनट के भीतर पाकिस्तान में आतंकियों के 9 सबसे बड़े ठिकाने तबाह कर दिए गए," उन्होंने कहा।
उन्होंने यह भी जोड़ा, "जो भारत के सिंदूर को मिटाने निकले थे, उन्हें हमने मिट्टी में मिला दिया। जो भारत की चुप्पी पर घमंड कर रहे थे, आज वे मलबे के ढेर में दबे हुए हैं।"
मोदी ने स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई प्रतिशोध नहीं, बल्कि न्याय का नया स्वरूप है — ऑपरेशन सिंदूर। उन्होंने कहा कि भारत अब आतंकवाद और उसके संरक्षकों को अलग-अलग नजरिए से नहीं देखेगा।
पीएम ने कहा,
"अब स्टेट और नॉन-स्टेट एक्टर का बहाना नहीं चलेगा। जो आतंकियों को पनाह देगा, वही दोषी माना जाएगा। प्रधानमंत्री ने बताया कि पाकिस्तान को वैश्विक स्तर पर बेनकाब करने के लिए भारत ने सात प्रतिनिधिमंडलों को विभिन्न देशों में भेजा है, जिसमें सभी राजनीतिक दलों के सदस्य शामिल हैं। मोदी ने कहा,"अब पाकिस्तान का असली चेहरा पूरी दुनिया देखेगी। वो कभी भारत से युद्ध नहीं जीत पाया, इसलिए आतंकवाद को युद्ध का हथियार बना लिया।
पीएम मोदी ने पाकिस्तान को स्पष्ट संदेश देते हुए कहा कि भारत अब न तो व्यापार करेगा और न ही बातचीत, जब तक पाकिस्तान कब्जे वाले कश्मीर पर चर्चा नहीं होती।
उन्होंने यह भी कहा, "हर आतंकी हमले की कीमत पाकिस्तान को चुकानी पड़ेगी, उसकी सेना और अर्थव्यवस्था भुगतेगी। पाकिस्तान का रहमयार एयरबेस अब आईसीयू में पड़ा है।"





