'पारस्परिक टैरिफ' की भी होगी घोषणा
ट्रंप ने यह भी दोहराया कि वह मंगलवार या बुधवार तक 'पारस्परिक टैरिफ' (Reciprocal Tariffs) की घोषणा करेंगे। इसका मतलब यह होगा कि यदि कोई देश अमेरिकी उत्पादों पर शुल्क लगाता है, तो अमेरिका भी उस देश से आयातित वस्तुओं पर समान कर लगाएगा।
उन्होंने कहा, "यदि कोई देश हमसे 130% शुल्क ले रहा है, लेकिन हम उनसे कुछ भी शुल्क नहीं ले रहे हैं, तो यह अब नहीं चलेगा।" ट्रंप की यह टिप्पणी उनके द्वारा टैरिफ को एक व्यापारिक दबाव के रूप में इस्तेमाल करने की रणनीति को दर्शाती है। उनके पिछले कार्यकाल में, कर कटौती और व्यापारिक नियमों में ढील देने को प्राथमिकता दी गई थी, लेकिन इस बार टैरिफ को एक प्रमुख नीति उपकरण के रूप में देखा जा रहा है।
शेयर बाजार और उपभोक्ता भावना पर असर
शुक्रवार को जब ट्रंप ने पहली बार 'पारस्परिक शुल्क' लगाने की बात कही, तो वित्तीय बाजारों में गिरावट देखी गई। इसके अलावा, एक सर्वेक्षण में पाया गया कि अमेरिकी उपभोक्ताओं की आर्थिक भावना भी कमजोर हुई है, क्योंकि कई उत्तरदाताओं ने टैरिफ को एक चिंता का विषय बताया। इस सर्वेक्षण से यह भी पता चला कि लोग आने वाले महीनों में टैरिफ के कारण मुद्रास्फीति बढ़ने की आशंका जता रहे हैं।
ट्रंप ने पहले कनाडा और मैक्सिको से आने वाले सभी सामानों पर 25% आयात कर लगाने की चेतावनी दी थी, लेकिन हाल ही में उन्होंने इसे 30 दिनों के लिए स्थगित कर दिया। इसी दौरान उन्होंने चीन से आयातित सामानों पर 10% अतिरिक्त शुल्क लगाने की बात भी कही थी।
हालांकि, शुक्रवार को उन्होंने कहा कि टेमू और शीन जैसी फास्ट-फैशन कंपनियों से आने वाले छोटे पैकेजों पर टैरिफ लागू करने में फिलहाल देरी होगी, क्योंकि कस्टम अधिकारियों को इसे लागू करने के लिए उपयुक्त तरीका खोजने की जरूरत है। इससे पहले छोटे पैकेज टैरिफ से छूट प्राप्त कर रहे थे।
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