एनटीए एक बार फिर सवालों के घेरे में
कांग्रेस नेता और एनएसयूआई के प्रभारी कन्हैया कुमार ने बड़ा आरोप लगाते हुए कहा कि एनटीए जो भी परीक्षा कराती है उनमें कई बार पेपर लीक की घटनायें देखने को मिली हैं, या फिर रिजल्ट में गड़बड़ियां देखने को मिलती है।
कन्हैया कुमार ने कहा कि बार-बार परीक्षाओं में पेपर लीक होना,परीक्षाओं की तारीखों में बार-बार उलटफेर करना, आम बात हो गयी है। सरकार जिन पदों के लिए परीक्षा कराती है उसे सही समय पर नहीं भरा जाता है। पीएम नरेंद्र मोदी हर साल परीक्षा पर चर्चा करते हैं, लेकिन पूरे पाँच साल तक जो परीक्षाओं में धांधली होती है, उसपर कोई बात या चर्चा नहीं करते हैं।
क्या है मामला
नीट एक प्री- मेडिकल एंट्रेंस एग्जाम है जिसे सरकार हर साल कराती है। मेडिकल के क्षेत्र में जाने वाले छात्रों को इस एग्जाम में बैठना जरूरी होता है, तभी छात्र मेडिकल के क्षेत्र में ग्रेजुएशन कर सकते हैं। 4 जून को इसका रिजल्ट जारी किया गया, जिसमें छात्रों की रैंकिंग और नंबरों को लेकर कई गड़बड़िया सामने आयी है। ख़बरों के अनुसार कई छात्रों को 720 में से 720 अंक दिये गये, जो आम तौर पर संभव नहीं है। कई छात्रों को समान रैंकिंग दी गयी है। इससे पहले 5 मई को परीक्षा के दौरान ग़लत पेपर बांटने की ख़बरें भी आयी थी, जिसमें हिंदी माध्यम के छात्रों को अंग्रेज़ी माध्यम का पेपर दिया गया। छात्रों को पेपर के दो सेट हल करने के लिए दिये गये, जबकि एक ही सेट हल करना होता है। जिन छात्रों को उम्मीद थी कि उनके 670 अंक से ज्यादा नहीं आ सकते, उन्हें पूरे नंबर मिले है।





