पुलिस ने बताया कि घटनास्थल पर मौजूद श्रमिकों की संख्या का अभी तक सही आकलन नहीं हो पाया है। सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में एक बहुमंजिला इमारत को क्रेन के साथ धूल के गुबार में गिरते हुए देखा जा सकता है, जबकि मौके पर मौजूद लोग चीखते-चिल्लाते हुए भाग रहे हैं।
बैंकॉक में भूकंप के बाद की स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। प्रशासन ने नागरिकों को सतर्क रहने और संभावित आफ्टरशॉक्स (भूकंप के बाद के झटके) के मद्देनजर फिलहाल खुले स्थानों में रहने की सलाह दी है।
पीएम मोदी ने जताई चिंता, हर संभव मदद का भरोसा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस विनाशकारी भूकंप को लेकर चिंता जताई और म्यांमार व थाईलैंड को हरसंभव सहायता देने की पेशकश की।
श्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर लिखा,
"म्यांमार और थाईलैंड में आए भीषण भूकंप से व्यथित हूं। सभी की सुरक्षा और भलाई के लिए प्रार्थना करता हूं। भारत हरसंभव सहायता देने के लिए तैयार है। विदेश मंत्रालय को दोनों देशों की सरकारों के संपर्क में रहने के निर्देश दिए गए हैं।"
गौरतलब है कि अगले सप्ताह बैंकॉक में बिम्सटेक क्षेत्रीय समूह का शिखर सम्मेलन होने वाला है, जिसमें पीएम मोदी समेत कई अन्य देशों के नेता शामिल होंगे।
प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) और जर्मनी के GFZ भूविज्ञान केंद्र ने बताया कि भूकंप का केंद्र म्यांमार में था और यह महज 10 किलोमीटर (6.2 मील) की गहराई पर आया था। उथले भूकंप आमतौर पर अधिक नुकसान पहुंचाते हैं क्योंकि उनकी ऊर्जा सतह के करीब ही केंद्रित होती है। थाईलैंड और म्यांमार में आपातकालीन सेवाएं सक्रिय हो गई हैं, और प्रशासन स्थिति पर करीबी नजर रखे हुए है। बचावकर्मियों को बैंकॉक में ढही इमारत के मलबे से लोगों को निकालने के लिए भेजा गया है। दोनों देशों के अधिकारी नुकसान के सही आंकलन में जुटे हैं।
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