"घर में बना रखा है छोटा सा ICU"
जस्टिस चंद्रचूड़ ने कहा, “हमने अपना सामान पैक कर लिया है, सिर्फ रोजमर्रा के इस्तेमाल की चीजें बाहर हैं। ये भी अगले 10-15 दिनों में ट्रक में रखकर शिफ्ट हो जाएंगी। देरी केवल इसलिए हुई क्योंकि मेरी बेटियों को विशेष देखभाल की जरूरत है।” उन्होंने बताया कि घर में एक छोटा ICU सेटअप लगा है और उनकी एक बेटी अब भी ट्रेकियोस्टॉमी ट्यूब पर है, जिसकी सफाई और देखरेख अक्सर आधी रात को भी करनी पड़ती है।
पूर्व CJI ने कहा, “मेरी बेटियां अब 16 और 14 साल की हैं। वे छोटी बच्चियां नहीं रहीं। उनके लिए घर में व्हीलचेयर की पहुंच, बाथरूम के दरवाजों की चौड़ाई जैसी बुनियादी सुविधाएं जरूरी हैं। नए घर में ये व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने में समय लग रहा है।” दोनों बेटियां गोद ली गई हैं और नेमालाइन मायोपैथी नाम की एक गंभीर मांसपेशीय बीमारी से जूझ रही हैं। चंद्रचूड़ ने बताया कि उन्हें तीन मूर्ति मार्ग पर टाइप 8 बंगला आवंटित किया गया है, लेकिन वह कई वर्षों से खाली पड़ा था। उन्होंने कहा, “इस बंगले में बड़े पैमाने पर मरम्मत की जरूरत थी, जिसे जून तक पूरा करने का वादा किया गया था। उन्होंने किराए पर मकान लेने की भी कोशिश की लेकिन कोई मकान मालिक इतने कम समय के लिए घर देने को तैयार नहीं हुआ।
जस्टिस चंद्रचूड़ नवंबर 2024 में रिटायर हुए थे और अब तक 5 कृष्णा मेनन मार्ग स्थित सरकारी बंगले में रह रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट प्रशासन ने हाल ही में केंद्र सरकार को चिट्ठी लिखकर यह बंगला खाली करवाने को कहा है। दरअसल, पूर्व CJI को 30 अप्रैल 2025 तक रहने की अस्थायी अनुमति मिली थी, लेकिन अब आठ महीने से अधिक समय बीत चुका है। पूर्व CJI ने बताया कि उन्होंने पहले जस्टिस संजीव खन्ना और फिर वर्तमान CJI जस्टिस भूषण गवई से आग्रह किया था कि उन्हें कुछ और समय दिया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि यदि आवश्यक हुआ तो वह मार्केट रेट पर किराया देने के लिए तैयार हैं।





