अपने ताज़ा इंटरव्यू में मलाला ने स्पष्ट शब्दों में कहा,
“पाकिस्तान, भारत और पूरे क्षेत्र के लिए हमारा साझा दुश्मन आतंकवाद, उग्रवाद और हिंसा है। हम एक-दूसरे के दुश्मन नहीं हैं।”
मलाला का यह बयान ऐसे समय में आया है जब भारत और पाकिस्तान के बीच हालात बेहद संवेदनशील हैं। उन्होंने दोनों देशों से अपील की कि वे अपनी ऊर्जा युद्ध या टकराव में नहीं, बल्कि आतंकवाद को जड़ से मिटाने में लगाएं।
अपने बयान को और गहराई देने के लिए मलाला ने 2012 में अपने साथ हुए भयावह अनुभव को साझा किया, जब तालिबान आतंकियों ने पाकिस्तान के स्वात घाटी में उन्हें निशाना बनाकर गोली मारी थी। उस हमले के बाद वे वैश्विक मंच पर आतंकवाद के खिलाफ आवाज़ की एक सशक्त प्रतीक बनकर उभरीं।
उन्होंने कहा,
“कोई भी व्यक्ति जन्म से आतंकी नहीं होता। विचारधारा, माहौल और समाज की परिस्थितियाँ उन्हें उस रास्ते पर ले जाती हैं। शिक्षा, संवाद और अवसर ही इस चक्र को तोड़ सकते हैं।”
मलाला यूसुफजई ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल पर लिखा:
“नफरत और हिंसा हमारे असली दुश्मन हैं — एक-दूसरे नहीं। मैं भारत और पाकिस्तान के नेताओं से अपील करती हूं कि वे नागरिकों, खासकर बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करें और विभाजनकारी ताकतों के खिलाफ एकजुट हों।”
उन्होंने दोनों देशों के उन निर्दोष लोगों के परिवारों के प्रति गहरी संवेदना जताई, जिन्होंने इस संघर्ष में अपनों को खोया है।





