डेरेक ओ'ब्रायन ने बताया "महा घोटाला"
एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए टीएमसी के राज्यसभा सांसद और वरिष्ठ नेता डेरेक ओ'ब्रायन ने इसे एक "महा घोटाला" करार दिया। उन्होंने दावा किया कि इस गंभीर मुद्दे को सबसे पहले मुख्यमंत्री और टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी ने 27 फरवरी को उजागर किया था। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग की प्रतिक्रिया इस मामले को हल्के में लेने जैसी है। ओ'ब्रायन ने चुनाव आयोग की प्रतिक्रिया की आलोचना करते हुए कहा कि आयोग ने इस "त्रुटि" को आंशिक रूप से स्वीकार किया है, लेकिन इसे पूरी तरह स्वीकार नहीं किया।
उन्होंने चुनाव आयोग के रुख पर सवाल उठाते हुए कहा,
"क्या मतदाताओं को वोट डालने की अनुमति नहीं दी जाएगी और उनके मत किसी अन्य राज्यों से लाए गए गैर-निवासियों द्वारा डाले जाएंगे? यह पूरी तरह से अस्वीकार्य है।"
इसके साथ ही, उन्होंने चुनाव आयोग के बयान जारी करने के समय को भी संदिग्ध बताया। उन्होंने कहा कि टीएमसी द्वारा अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस की घोषणा किए जाने के दो घंटे बाद ही चुनाव आयोग ने बयान जारी कर दिया, जिससे यह सवाल उठता है कि "क्या कोई रंगे हाथों पकड़ा गया?"
अगर कार्रवाई नहीं हुई तो टीएमसी का बड़ा खुलासा
टीएमसी ने चुनाव आयोग को 24 घंटे का अल्टीमेटम जारी करते हुए चेतावनी दी कि अगर आयोग इस गंभीर विसंगति को स्वीकार नहीं करता, तो पार्टी मंगलवार सुबह 9 बजे एक दस्तावेज जारी करेगी, जिसमें चुनावी धांधली के सबूत होंगे। टीएमसी ने मार्च, अप्रैल और मई में निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए चुनाव आयोग से मतदाता सूची की गहन जांच और सफाई की मांग की है। पार्टी का कहना है कि जब तक मतदाता सूची को पूरी तरह से शुद्ध नहीं किया जाता, तब तक निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव कराना संभव नहीं होगा।
Read This Also:- Bangladesh: शेख हसीना के लिए बढ़ी मुश्किलें, यूनुस सरकार के इस कदम से बदलेगा सियासी समीकरण?
Read This Also:- Bangladesh: शेख हसीना के लिए बढ़ी मुश्किलें, यूनुस सरकार के इस कदम से बदलेगा सियासी समीकरण?





