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क्या शिंदे गुट के लिए चुनौती खड़ी कर रही BJP? ठाणे में जनता दरबार शुरू

एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में भाजपा और शिवसेना के बीच गठबंधन सरकार ने ढाई साल तक महाराष्ट्र में कार्य किया, लेकिन हालात अब पूरी तरह बदल चुके हैं। वर्तमान में |

क्या शिंदे गुट के लिए चुनौती खड़ी कर रही BJP? ठाणे में जनता दरबार शुरू
फोटो: BJP, Janata Darbar, Thane
एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में भाजपा और शिवसेना के बीच गठबंधन सरकार ने ढाई साल तक महाराष्ट्र में कार्य किया, लेकिन हालात अब पूरी तरह बदल चुके हैं। वर्तमान में भाजपा ड्राइविंग सीट पर है, जबकि एकनाथ शिंदे डिप्टी सीएम के रूप में कार्य कर रहे हैं। इस बदलाव के बावजूद शिंदे को उनके पसंदीदा मंत्रालय नहीं मिले, जिससे उनकी नाराजगी और उनके समर्थकों के बीच असंतोष बढ़ गया है। इस असंतोष के बावजूद, एकनाथ शिंदे को अब एक नई चुनौती का सामना करना पड़ रहा है, जो उनकी स्थिति को और जटिल कर सकती है। भाजपा ने ठाणे जिले में अपनी उपस्थिति बढ़ाने के लिए खुलकर रणनीति बनानी शुरू कर दी है, और इसके तहत पार्टी के मंत्री गणेश नाइक ने एक नई पहल की है। गणेश नाइक, जो पालघर जिले के प्रभारी मंत्री हैं, ने घोषणा की है कि वह अब ठाणे में भी जनता दरबार लगाएंगे, जहां लोग सीधे उनसे अपनी समस्याएं साझा कर सकेंगे। 

नाइक ने यह भी कहा कि वह हर तीन महीने में ठाणे में जनता दरबार लगाएंगे, ताकि यहां के लोग अपनी समस्याओं का समाधान पा सकें। ठाणे का यह इलाका एकनाथ शिंदे का गढ़ माना जाता है, क्योंकि वह इस क्षेत्र के प्रभारी मंत्री हैं और यहां से उनकी राजनीतिक पहचान भी जुड़ी हुई है। अब गणेश नाइक का यह कदम शिंदे के लिए एक नई चुनौती का रूप ले सकता है, क्योंकि यह सीधे तौर पर उनकी राजनीतिक ताकत को चुनौती देने जैसा है। शिवसेना से जुड़े नेताओं का मानना है कि भाजपा का यह कदम शिंदे को कमजोर करने के लिए उठाया जा रहा है। शिंदे गुट का आरोप है कि भाजपा अब ठाणे जिले में सक्रिय हो कर शिंदे के प्रभाव को चुनौती दे रही है। उनका यह भी कहना है कि भाजपा न केवल ठाणे, बल्कि अन्य जिलों में भी शिंदे गुट के प्रभारी मंत्रियों की सक्रियता बढ़ा कर उन्हें राजनीतिक रूप से नुकसान पहुंचाना चाहती है। 

इसके अलावा, शिंदे ने नासिक और रायगढ़ के प्रभारी मंत्रियों की नियुक्ति पर भी आपत्ति जताई थी, जिसके बाद उस फैसले को स्थगित कर दिया गया था। अब गणेश नाइक ने ठाणे में अपनी सक्रियता बढ़ाने की घोषणा कर दी है, जिससे एकनाथ शिंदे को नई टेंशन का सामना करना पड़ा है। इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए एकनाथ शिंदे गुट के नेताओं ने कहा कि गणेश नाइक ने यह कदम सोच-समझकर और भाजपा की रणनीति के तहत उठाया है। टूरिज्म मिनिस्टर शंभूराज देसाई ने भी इस मुद्दे पर अपनी प्रतिक्रिया दी, और कहा कि यह कदम भाजपा के नेताओं द्वारा जानबूझकर उठाया गया है। वहीं शिंदे गुट के सांसद नरेश म्हासके ने भी चेतावनी दी है कि अगर भाजपा ने ठाणे में अपनी गतिविधियां बढ़ाईं तो उनका गुट पालघर में जनता दरबार लगाएगा और लोगों के मुद्दों को उठाएगा। गणेश नाइक ने ठाणे को लेकर यह भी कहा था कि अगर लोगों को यहां का सही विकास चाहिए तो उन्हें भाजपा का समर्थन करना होगा और कमल का फूल खिलाना होगा। 

भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष चंद्रशेखर वावनकुले ने भी नाइक का समर्थन किया और कहा कि पार्टी ने जिन क्षेत्रों में अपने मंत्रियों को तैनात किया है, वहां जनहित के कामों के लिए यह निर्णय लिया गया है। वावनकुले का कहना था कि एक मंत्री का दायित्व पूरे राज्य के लिए होता है और उनका काम सभी क्षेत्रों में लोगों की समस्याओं का समाधान करना है। उन्होंने शिंदे गुट की आपत्ति को भी खारिज किया और कहा कि यह कदम लोगों के लिए लाभकारी होगा, क्योंकि इससे उनके काम जल्दी हो सकेंगे।

 इस विवाद ने महाराष्ट्र की राजनीति में एक नया मोड़ ले लिया है। शिंदे गुट और भाजपा के बीच बढ़ते तनाव के बीच यह देखना दिलचस्प होगा कि आने वाले दिनों में यह खींचतान किस दिशा में जाती है। क्या भाजपा ठाणे में अपनी सक्रियता बढ़ा कर शिंदे को राजनीतिक रूप से कमजोर कर पाएगी, या फिर शिंदे अपनी पकड़ मजबूत रखेंगे, यह सवाल अब राजनीति के केंद्र में है।

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