सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने क्या कहा?
प्रियंका चतुर्वेदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "यह बयान न केवल महिला विरोधी है, बल्कि भारत के नए युग के गुलाम बनाने वालों की मानसिकता को दर्शाता है।" उन्होंने सुब्रमण्यन के बयान को लेकर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह सोच देश में कार्यबल के शोषण की प्रवृत्ति को बढ़ावा दे सकती है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में सुब्रमण्यन को यह कहते हुए सुना जा सकता है, "मुझे खेद है कि मैं आपसे रविवार को काम नहीं करवा पा रहा हूं। अगर मैं आपसे रविवार को काम करवा सकूं तो मुझे ज्यादा खुशी होगी, क्योंकि मैं खुद रविवार को काम करता हूं।"
इतना ही नहीं, उन्होंने सवाल किया, "आप घर पर बैठकर क्या करते हैं? कितनी देर तक आप अपनी पत्नी को घूर सकते हैं, या पत्नियां अपने पतियों को? बेहतर है कि ऑफिस पहुंचें और काम करें।"
कंपनी ने दी सफाई
इस बयान पर मचे बवाल के बाद एलएंडटी ने स्पष्टीकरण जारी किया। कंपनी के प्रवक्ता ने कहा, "यह भारत का दशक है। देश को प्रगति के पथ पर आगे बढ़ाने और एक विकसित राष्ट्र बनाने के लिए सामूहिक समर्पण और असाधारण प्रयासों की आवश्यकता है।"
प्रवक्ता ने यह भी जोड़ा कि चेयरमैन की टिप्पणी असाधारण परिणामों के लिए असाधारण प्रयास की जरूरत पर बल देती है और एलएंडटी ऐसी कार्य संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है, जो जुनून और प्रदर्शन पर आधारित हो।
नारायण मूर्ति का बयान भी चर्चा में रहा था
सुब्रमण्यन का यह बयान इंफोसिस के सह-संस्थापक नारायण मूर्ति के हालिया सुझाव की याद दिलाता है। मूर्ति ने कहा था कि भारत को ग्लोबल स्तर पर प्रतिस्पर्धा में आगे बढ़ने के लिए युवाओं को सप्ताह में 70 घंटे काम करना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा था कि प्रधानमंत्री मोदी खुद सप्ताह में 100 घंटे काम करते हैं।
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