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G7 समिट के दौरान भारत का बड़ा संदेश, मोदी बोले- 'कश्मीर पर कोई बाहरी दखल नहीं'

बातचीत के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने भारत की नीति दोहराते हुए स्पष्ट किया कि कश्मीर सहित पाकिस्तान से जुड़े समस्त मसले भारत के लिए द्विपक्षीय हैं |

G7 समिट के दौरान भारत का बड़ा संदेश, मोदी बोले- 'कश्मीर पर कोई बाहरी दखल नहीं'
फोटो: G7 समिट के दौरान भारत का बड़ा संदेश, मोदी बोले- 'कश्मीर पर कोई बाहरी दखल नहीं'
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को स्पष्ट शब्दों में अवगत कराया है कि भारत किसी भी स्थिति में कश्मीर या पाकिस्तान से जुड़े मामलों में तीसरे पक्ष की मध्यस्थता स्वीकार नहीं करता  न अतीत में, न वर्तमान में और न ही भविष्य में। यह संदेश जी-7 शिखर सम्मेलन के दौरान उस समय दिया गया जब दोनों नेताओं की निर्धारित आमने-सामने मुलाकात, इज़राइल-ईरान संघर्ष के कारण, संभव नहीं हो सकी और उसकी जगह फोन पर संवाद हुआ। विदेश सचिव विक्रम मिसरी के अनुसार, यह टेलीफोनिक वार्ता राष्ट्रपति ट्रंप के अनुरोध पर हुई और लगभग 35 मिनट तक चली। बातचीत के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने भारत की नीति दोहराते हुए स्पष्ट किया कि कश्मीर सहित पाकिस्तान से जुड़े समस्त मसले भारत के लिए द्विपक्षीय हैं, जिनमें किसी बाहरी पक्ष की भूमिका न स्वीकार्य है।

प्रधानमंत्री ने यह भी रेखांकित किया कि हालिया भारत-पाकिस्तान सैन्य तनाव के दौरान किसी भी तीसरे देश की मध्यस्थता नहीं हुई। नियंत्रण रेखा पर कार्रवाई रोकने को लेकर जो भी संवाद हुआ, वह दोनों देशों की सेनाओं के मौजूदा सैन्य संपर्क चैनलों के माध्यम से और वह भी पाकिस्तान की पहल पर संपन्न हुआ। बातचीत के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रपति ट्रंप को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बारे में भी जानकारी दी। यह वही सैन्य कार्रवाई थी जिसमें भारत ने सीमा पार से हो रहे आतंकी हमलों के जवाब में निर्णायक कदम उठाया था। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए राष्ट्रपति ट्रंप ने एक बार फिर भारत को आतंकवाद के खिलाफ पूर्ण समर्थन का आश्वासन दिया।

प्रधानमंत्री मोदी ने इस दौरान ट्रंप को भारत आने का औपचारिक निमंत्रण भी दिया, हालांकि यात्रा की तिथि और रूपरेखा पर अभी निर्णय नहीं हुआ है। यह बातचीत ऐसे समय में हुई है जब भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर नई संभावनाओं की चर्चा तेज है, और दक्षिण एशियाई क्षेत्र में भारत की कूटनीतिक भूमिका को लेकर वैश्विक समीकरण लगातार बदल रहे हैं। 

प्रधानमंत्री मोदी की यह सीधी और स्पष्ट टिप्पणी न केवल भारत की विदेश नीति की निरंतरता को दर्शाती है, बल्कि यह भी स्पष्ट करती है कि भारत अपनी संप्रभुता, क्षेत्रीय अखंडता और रणनीतिक हितों को लेकर किसी प्रकार का समझौता नहीं करेगा।