अमेरिकी व्यापारियों को राहत देने की कोशिश
ट्रंप ने स्पष्ट किया कि यह टैरिफ "छूट वाला पारस्परिक टैरिफ" (Discounted Reciprocal Tariff) होगा, जिसका उद्देश्य अमेरिकी व्यापारियों को वैश्विक बाजार में अधिक प्रतिस्पर्धी बनाना है। उन्होंने कहा कि अमेरिका अन्य देशों से मोटरसाइकिलों पर मात्र 2.4% शुल्क लेता है, जबकि थाईलैंड 60%, भारत 70%, और वियतनाम 75% तक शुल्क वसूलता है। भारत पहले से ही अमेरिका पर 52% टैरिफ लगाता है, जिससे यह देखना दिलचस्प होगा कि भारत इस नए फैसले पर कैसी प्रतिक्रिया देता है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस कदम से भारतीय निर्यातकों की लागत बढ़ेगी और भारतीय उत्पादों की अमेरिकी बाजार में प्रतिस्पर्धात्मकता घट सकती है।
अमेरिकी व्यापार नीति और वैश्विक तुलना
ष्ट्रपति ट्रंप ने व्यापारिक असमानता का हवाला देते हुए कहा कि अमेरिका की सामान्य MFN (Most Favored Nation) टैरिफ दर 3.3% है, जो विश्व में सबसे कम में से एक है। जबकि अन्य देशों की औसत टैरिफ दरें इससे कहीं अधिक हैं:
भारत – 17%
ब्राजील – 11.2%
चीन – 7.5%
यूरोपीय संघ (EU) – 5%
वियतनाम – 9.4%
राष्ट्रपति ट्रंप ने इस टैरिफ नीति की घोषणा को अमेरिकी उद्योग के पुनर्जागरण से जोड़ा। अपने भावनात्मक भाषण में उन्होंने कहा:
"यह 'लिब्रेशन डे' है, एक लंबे समय से प्रतीक्षित क्षण। 2 अप्रैल 2025 को हमेशा याद रखा जाएगा क्योंकि यह वह दिन है जब अमेरिकी उद्योग का पुनर्जन्म हुआ, जब अमेरिका की नियति पुनः प्राप्त की गई, और जब हमने अमेरिका को फिर से समृद्ध बनाना शुरू किया।"
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