प्रियंका चतुर्वेदी ने व्यंग्यात्मक अंदाज़ में कहा,
“हमने G-20 की बेहद सफलतापूर्वक अध्यक्षता की। भारत G-20 की मेजबानी करता है, जबकि पाकिस्तान T-20 की करता है, जहां T से मतलब ‘टॉप 20 टेररिस्ट्स’ है। ये वही आतंकवादी हैं जिन्हें पाकिस्तान की सरकार पनाह देती है और जिनके खिलाफ कार्रवाई के बजाय संरक्षण देती है।”
उन्होंने कहा कि भारत की प्राथमिकता आर्थिक सशक्तिकरण है, जबकि पाकिस्तान की प्राथमिकता आतंकी ढांचे का पोषण।
"भारत अपनी इकोनॉमी को मज़बूत कर रहा है, वहीं पाकिस्तान अपनी आतंकवादी व्यवस्था को मज़बूत कर रहा है।"
प्रियंका चतुर्वेदी ने ओसामा बिन लादेन को लेकर एक कटाक्ष भी किया। उन्होंने कहा,
“आप घर जाकर यह डॉक्यूमेंट्री ज़रूर देखें कि पाकिस्तान ने कैसे ओसामा बिन लादेन को छिपाया, ट्रेनिंग दी, और अपने तथाकथित सहयोगी अमेरिका से भी छुपा लिया। वे सामने से दोस्ती का दिखावा करते हैं और पीछे से धोखा देते हैं।”
सांसद चतुर्वेदी ने भारत की सशस्त्र सेनाओं की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि वैश्विक समुदाय को भारतीय सेना को आतंक के खिलाफ लड़ाई के लिए धन्यवाद देना चाहिए। उन्होंने कहा कि
“भारत में 20 करोड़ से ज्यादा मुसलमान हैं, जो आतंकवाद के खिलाफ देश के साथ खड़े हैं। यही भारत की ताकत है, विविधता में एकता।” उन्होंने पहलगाम आतंकी हमले का जिक्र करते हुए कहा कि आतंकवादियों की मंशा थी देश को बांटना, लेकिन वे इसमें कभी सफल नहीं होंगे।
"भारत न बंटा है, न बंटेगा। हम विविधताओं का जश्न मनाते हैं, और यही हमारी एकता की असली पहचान है।"





