तेजस्वी यादव बोले—"बातचीत सकारात्मक रही, हम पूरी तरह तैयार हैं"
बैठक के बाद RJD नेता तेजस्वी यादव ने मीडिया से बातचीत में कहा,
“बैठक में सकारात्मक और गंभीर चर्चा हुई है। हम 17 अप्रैल को पटना में महागठबंधन के अन्य सहयोगी दलों के साथ बैठक करेंगे। हम पूरी मजबूती के साथ बिहार को आगे ले जाने को लेकर संकल्पित हैं।”
उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार पर हमला बोलते हुए कहा,
“बीते 20 सालों से बिहार में एनडीए की सरकार है और 11 सालों से केंद्र में। बावजूद इसके बिहार आज भी देश का सबसे गरीब राज्य है। यहां की प्रति व्यक्ति आय सबसे कम है और सबसे अधिक पलायन भी यहीं से होता है। हम मुद्दों के आधार पर चुनाव लड़ना चाहते हैं।”
सीएम चेहरे को लेकर पूछे गए सवाल पर तेजस्वी ने कहा कि
“बातचीत चल रही है, सब स्पष्ट हो जाएगा।”
सूत्रों का कहना है कि 17 अप्रैल को पटना में महागठबंधन के लिए एक समन्वय समिति का गठन किया जाएगा, जिसका उद्देश्य सभी घटक दलों के बीच बेहतर तालमेल बनाकर चुनावी रणनीति तैयार करना है। साथ ही यह भी चर्चा है कि अगर लोजपा (रामविलास) प्रमुख पशुपति पारस चाहें, तो उनके लिए भी महागठबंधन के दरवाजे खुले हैं।
RJD प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने कहा,
“लोकतंत्र में मुख्यमंत्री कौन बनेगा, यह जनता तय करती है। बिहार की जनता पहले ही तेजस्वी यादव को अपना नेता मान चुकी है। महागठबंधन पूरी तरह से एकजुट है और मजबूती से चुनाव की तैयारी कर रहा है।”
उन्होंने एनडीए पर तंज कसते हुए कहा,
“वहां कई लोग खुद को मुख्यमंत्री का दावेदार मानते हैं। उन्हें पहले अपने घर की चिंता करनी चाहिए।” बिहार भाजपा अध्यक्ष दिलीप जायसवाल ने महागठबंधन पर हमला बोलते हुए कहा,
“कांग्रेस और RJD का गठबंधन एक बेमेल गठबंधन है। दोनों दल एक-दूसरे के कद को छोटा करना चाहते हैं। RJD नहीं चाहती कि कांग्रेस बिहार में दोबारा मज़बूत हो, वहीं कांग्रेस RJD पर वर्चस्व बनाए रखना चाहती है। यह सिर्फ राजनीतिक लाभ के लिए किया गया समझौता है।”





