हिमंता ने बीजेपी को देशभक्ति पार्टी बताते हुए कहा कि वह झारखण्ड सरकार के साथ मिलकर घुसपैठियों को रोकने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि उनका एक ही मक़सद है कि झारखण्ड को घुसपैठियों से सुरक्षित बनाना है। उनके लिए देश पहले है, बाकी चीज़ें बाद में हैं।
कुछ समय के लिए मुख्यमंत्री रहे चंपई सोरेन
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने 31 जनवरी को ज़मीन से जुड़े एक मामले में गिरफ्तार किया था। जेल जाने से पहले हेमंत सोरेन ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देते हुए, अपनी ग़ैर-मौजूदगी में इस पद के लिए चंपई का नाम सुझाया था। इसके बाद झारखंड मुक्ति मोर्चा के विधायकों ने चंपई सोरेन को विधायक दल का नया नेता चुना और वह राज्य के मुख्यमंत्री बने। लेकिन जुलाई में हेमंत सोरेन को झारखंड हाई कोर्ट से जमानत मिलने के बाद चंपई से के हाथ से मुख्यमंत्री की कुर्सी चली गई, और हेमंत सोरेन एक बार फिर राज्य के मुख्यमंत्री बने। उसके बाद से े ही उनके और मुख्यमंत्री हेमंत के बीच से सब कुछ ठीक नहीं होने की खबरें आ रही थी। कुछ दिनों पहले ही चंपई ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ से अपने बगावत का ऐलान किया। हालांकि चंपई ने इस बात से इनकार किया है कि वो बीजेपी में शामिल हो रहे हैं। उन्होंने कहा है कि वो जल्दी ही अपनी अगली पारी का ऐलान करेंगे।
अपने राजनीतिक भविष्य को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा था कि या तो वह किसी सहयोगी के साथ मिलकर अपने राजनीतिक जीवन को आगे बढ़ाएंगे, या फिर एक नई पार्टी का ऐलान कर सकते है। चंपई ने कहा था कि एक पल के लिए उन्होंने राजनीतिक जीवन से संन्यास लेने का सोचा था, लेकिन उनके समर्थकों ने ऐसा करने की उन्हें अनुमति नहीं दी।





