दो बार बिहार के उपमुख्यमंत्री बने
सुशील मोदी का जन्म 5 जनवरी, 1952 को हुआ थे और उन्होंने पटना यूनिवर्सिटी में एक छात्र नेता के रूप में अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत की। 1973 में वो छात्र संघ के महासचिव बने। उनका राजनीतिक करियर तीन दशक लंबा है। इस दौरान वो विधायक, एमएलसी और लोकसभा और राज्यसभा के सदस्य रहे। उन्होंने 2005 से 2013 तक और 2017 से 2020 तक बिहार के उपमुख्यमंत्री के रूप में काम किया।
नेताओं ने शोक व्यक्त किया
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शोक व्यक्त करते हुए कहा कि श्री सुशील कुमार मोदी जी का आकस्मिक निधन एक अपूर्णीय क्षति है। सौम्य स्वभाव, कुशल प्रशासक के रूप में योगदान तथा सार्वजनिक जीवन में शुचिता उनके व्यक्तित्व और कृतित्व में परिलक्षित होते थे। बिहार के उप-मुख्यमंत्री, संसद सदस्य और राज्य की विधायिका के दोनों सदनों के सदस्य के रूप में श्री सुशील कुमार मोदी ने उच्च आदर्शों को निभाया। ईश्वर उनकी आत्मा को शांति प्रदान करें और उनके परिवार को यह दुख सहने की शक्ति दें।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा “पार्टी में अपने मूल्यवान सहयोगी और दशकों से मेरे मित्र रहे सुशील मोदी जी के असामयिक निधन से अत्यंत दुख हुआ है। बिहार में भाजपा के उत्थान और उसकी सफलता के पीछे उनका अमूल्य योगदान रहा है। आपातकाल का पुरजोर विरोध करते हुए, उन्होंने छात्र राजनीति से अपनी एक अलग पहचान बनाई थी। वे बहुत मेहनती और मिलनसार विधायक के रूप में जाने जाते थे। राजनीति से जुड़े विषयों को लेकर उनकी समझ बहुत गहरी थी। उन्होंने एक प्रशासक के तौर पर भी काफी सराहनीय कार्य किए। जीएसटी पारित होने में उनकी सक्रिय भूमिका सदैव स्मरणीय रहेगी। शोक की इस घड़ी में मेरी संवेदनाएं उनके परिवार और समर्थकों के साथ हैं।
लालू प्रसाद यादव ने कहा “पटना यूनिवर्सिटी छात्र संघ के समय यानि विगत 51-52 वर्षों से हमारे मित्र भाई सुशील मोदी के निधन का अति दुःखद समाचार प्राप्त हुआ। वे एक जुझारू, समर्पित सामाजिक राजनीतिक व्यक्ति थे। ईश्वर दिवगंत आत्मा को चिर शांति तथा परिजनों को दुख सहने की शक्ति प्रदान करें।”
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा, " बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री व वरिष्ठ नेता, श्री सुशील मोदी जी के निधन पर उनके परिवारजनों व समर्थकों के प्रति गहरी संवेदनाएँ। हमारी विचारधारा अलग थी, पर लोकतंत्र में देश हित सर्वोपरि होता है। उन्होंने जीएसटी काउंसिल में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया था। ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करे।"
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा, “ स्वर्गीय सुशील कुमार मोदी जेपी आंदोलन के सच्चे सिपाही थे। उपमुख़्यमंत्री के तौर पर भी उन्होंने हमारे साथ काफी वक्त तक काम किया। मेरा उनके साथ व्यक्तिगत संबंध था और उनके निधन से मैं मर्माहत हूं। मैंने आज सच्चा दोस्त और कर्मठ राजनेता खो दिया है। उनके निधन से राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र में अपूरणीय क्षति हुई है। ईश्वर से कामना की है कि स्व. सुशील कुमार मोदी के परिजनों, समर्थकों और प्रशंसकों को दुख की इस घड़ी में धैर्य धारण करने की शक्ति प्रदान करें।”





