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तेलंगाना में पूर्व सीएम के. चंद्रशेखर राव पर भ्रष्टाचार आरोप लगाने वाले शख्स की हत्या, पुलिस ने जमीन विवाद से जोड़ा मामला

तेलंगाना के पूर्व मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव (KCR) पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाने वाले व्यक्ति की हत्या हो गई है, जिसके बाद यह मामला सुर्खियों में आ गया है।

तेलंगाना में पूर्व सीएम के. चंद्रशेखर राव पर भ्रष्टाचार आरोप लगाने वाले शख्स की हत्या, पुलिस ने जमीन विवाद से जोड़ा मामला
फोटो: CM in Telangana, Chandrashekhar Rao
तेलंगाना के पूर्व मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव (KCR) पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाने वाले व्यक्ति की हत्या हो गई है, जिसके बाद यह मामला सुर्खियों में आ गया है। मृतक ने मेदीगड्डा बैराज के निर्माण में कथित भ्रष्टाचार का आरोप लगाया था, जो कि राज्य की प्रमुख कालेश्वरम परियोजना का हिस्सा है। पुलिस ने इस घटना के संबंध में किसी भी प्रकार के राजनीतिक कोण से संलिप्तता होने से स्पष्ट रूप से इनकार किया है। यह घटना उस समय हुई जब मृतक एन. राजलिंगमूर्ति की शिकायतों की सुनवाई अदालत में होनी थी, और उनके आरोपों की जांच चल रही थी। राजलिंगमूर्ति की मौत का समय और परिस्थितियाँ इस मामले को और भी जटिल बना रही हैं। राजलिंगमूर्ति, जो कि 50 साल के थे, को बुधवार को जयशंकर भुपालपल्ली कस्बे में स्थित उनके घर में मृत पाया गया। शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार, उनकी मौत स्वाभाविक नहीं थी, बल्कि उन्हें जानबूझकर मारा गया था। 

पुलिस ने इस मामले में हत्या की धाराओं में केस दर्ज किया है और जांच शुरू कर दी है। उनके खिलाफ आरोप लगाने के बाद, उनके जीवन को खतरा हो सकता था, और इस मामले में जमीन विवाद की भूमिका भी सामने आई है। पुलिस ने बताया कि राजलिंगमूर्ति पर चाकू से हमला किया गया था, और वह मोटरसाइकिल से कहीं जा रहे थे, जब दो अज्ञात व्यक्तियों ने उन पर हमला किया। हमला शाम 7:30 बजे हुआ और उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन वहां पहुंचने पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। राजलिंगमूर्ति ने अक्टूबर 2023 में अदालत में एक शिकायत दर्ज कराई थी, जिसमें उन्होंने के. चंद्रशेखर राव (KCR) और उनके सहयोगियों के खिलाफ भ्रष्टाचार और अन्य अपराधों का आरोप लगाया था। उन्होंने अदालत से यह मांग की थी कि केसीआर और उनके रिश्तेदारों के खिलाफ एफआईआर दर्ज किया जाए और उनकी भूमिका की जांच की जाए। इसके अलावा, उन्होंने केसीआर के भतीजे के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की अपील की थी। यह आरोप कई महीने से मीडिया में चर्चा का विषय बने हुए थे, और राजलिंगमूर्ति का कहना था कि कालेश्वरम परियोजना के तहत बहुत बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार हुआ है, और उसे उजागर किया जाना चाहिए। इस मामले की सुनवाई के दौरान, केसीआर और उनके सहयोगी टी. हरीश राव ने तेलंगाना हाई कोर्ट का रुख किया था। उन्होंने निचली अदालत के उस आदेश को सस्पेंड करने की अपील की थी, जिसमें केसीआर और उनके सहयोगियों के खिलाफ जांच शुरू करने का निर्देश दिया गया था।

 इसके बाद, केसीआर ने उच्च न्यायालय से मांग की थी कि इस आदेश को निलंबित कर दिया जाए, क्योंकि वह इसे अपनी छवि के खिलाफ मानते थे। यह मामला राजनीतिक रूप से भी संवेदनशील था, क्योंकि केसीआर की सरकार पर भ्रष्टाचार के आरोप लग रहे थे, और राजलिंगमूर्ति के आरोपों ने इसे और बढ़ा दिया था। हालांकि, पुलिस ने प्रारंभिक जांच के दौरान इस हत्या को जमीन विवाद से जोड़ा है, लेकिन यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि यह हत्या केवल निजी विवाद का परिणाम थी या इसके पीछे कुछ और कारण थे। पुलिस अधिकारी का कहना था कि राजलिंगमूर्ति का यह मामला एक जटिल पंक्ति की शुरुआत हो सकती है, और अभी बहुत कुछ स्पष्ट होना बाकी है। मृतक के परिवार और रिश्तेदारों का कहना है कि उन्होंने कभी किसी तरह के प्रत्यक्ष दुश्मनी या किसी राजनीतिक विवाद का सामना नहीं किया था, लेकिन अब हत्या के बाद कई सवाल उठ रहे हैं। 

 राजलिंगमूर्ति के इस मामले में जो आरोप लगाए गए थे, वे राज्य में कई उच्च पदों पर बैठे लोगों के खिलाफ थे। अब उनकी हत्या ने इन आरोपों को और गंभीर बना दिया है। यह मामला न केवल भ्रष्टाचार की जांच पर ध्यान केंद्रित करता है, बल्कि यह भी सवाल उठाता है कि क्या ऐसे मामलों में राजनीति की भूमिका है और इस तरह के आरोपों को दबाने के लिए क्या प्रभावशाली लोगों द्वारा दबाव डाला गया है। यह जांच अभी जारी है, और पुलिस सभी पहलुओं पर गौर कर रही है। राजलिंगमूर्ति की मौत ने राज्य की राजनीति में नए विवादों को जन्म दिया है, और यह देखना होगा कि इस मामले में किस दिशा में जांच आगे बढ़ेगी।

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