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फडणवीस की डबल मीटिंग: क्या महाराष्ट्र में नया राजनीतिक समीकरण बनने वाला है?

सुबह उन्होंने महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (एमएनएस) प्रमुख राज ठाकरे से मुलाकात की, जबकि शाम को अपने आवास पर शिवसेना (यूबीटी) के तीन वरिष्ठ नेताओं की मेजबानी की।

फडणवीस की डबल मीटिंग: क्या महाराष्ट्र में नया राजनीतिक समीकरण बनने वाला है?
फोटो: Fadnavis, MVA, Shivsena, Maharashtra
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सोमवार को एक ही दिन में दो महत्वपूर्ण बैठकें कर राज्य के अस्थिर राजनीतिक माहौल में हलचल मचा दी। सुबह उन्होंने महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (एमएनएस) प्रमुख राज ठाकरे से मुलाकात की, जबकि शाम को अपने आवास पर शिवसेना (यूबीटी) के तीन वरिष्ठ नेताओं की मेजबानी की। इन बैठकों को हालिया राजनीतिक घटनाक्रम के संदर्भ में देखा जा रहा है, जहां उपमुख्यमंत्री और शिवसेना नेता एकनाथ शिंदे की नाराजगी और भाजपा-शिंदे-अजित पवार गठबंधन के भीतर बढ़ते मतभेदों की खबरें सामने आई थीं। इसके अलावा, इन बैठकों को आगामी बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) चुनावों की रणनीति से भी जोड़ा जा रहा है, जहां भाजपा मुंबई की राजनीति में खुद को प्रमुख शक्ति के रूप में स्थापित करने की कोशिश कर रही है।

बीएमसी चुनावों की तैयारी या शक्ति प्रदर्शन?


फडणवीस के करीबी सूत्रों के मुताबिक, यह बैठकें भाजपा द्वारा अपने सहयोगी शिंदे को संदेश देने का एक तरीका थीं कि पार्टी के पास अन्य विकल्प भी खुले हैं। हालांकि, फडणवीस और राज ठाकरे ने इस मुलाकात को मात्र ‘शिष्टाचार भेंट’ करार दिया। फडणवीस ने कहा कि मनसे प्रमुख ने विधानसभा चुनाव जीतने पर उन्हें बधाई दी थी, और यह मुलाकात उसी संदर्भ में हुई। लेकिन राजनीतिक गलियारों में यह सवाल उठने लगा कि क्या किसी मुख्यमंत्री का किसी अन्य दल के नेता के घर जाना महज शिष्टाचार भेंट होती है? मनसे ने 2024 का लोकसभा चुनाव नहीं लड़ा था और विधानसभा चुनावों में भी करारी शिकस्त का सामना किया था। बावजूद इसके, राज ठाकरे की व्यक्तिगत लोकप्रियता, खासतौर पर मुंबई और उसके आसपास के क्षेत्रों में, उन्हें भाजपा के लिए एक संभावित सहयोगी बना सकती है।

शिंदे सेना और मनसे के बीच मतभेद


मनसे और शिंदे सेना के बीच तनातनी भी इस बैठक का एक अहम पहलू थी। मनसे को लगता है कि माहिम विधानसभा सीट पर हुए मुकाबले में शिंदे सेना के उम्मीदवार सदा सर्वणकर के हटने से इनकार करने की वजह से अमित ठाकरे को हार का सामना करना पड़ा। इस वजह से शिवसेना (यूबीटी) के महेश सावंत को जीतने का मौका मिल गया। सूत्रों के अनुसार, फडणवीस और राज ठाकरे के बीच हुई चर्चा में माहिम चुनाव पर भी बात हुई, और यह संभावना जताई जा रही है कि भाजपा, मनसे के साथ बीएमसी चुनावों के लिए गठबंधन करने के बदले अमित ठाकरे को विधान परिषद की एक सीट की पेशकश कर सकती है।

शिवसेना (यूबीटी) नेताओं से मुलाकात – इत्तेफाक या सियासी गणित?


शाम को फडणवीस ने अपने सरकारी आवास पर शिवसेना (यूबीटी) के वरिष्ठ नेताओं मिलिंद नार्वेकर, पूर्व मंत्री सुभाष देसाई और विधान परिषद में विपक्ष के नेता अंबादास दानवे से मुलाकात की। आधिकारिक रूप से यह बैठक दिवंगत बाल ठाकरे के स्मारक से जुड़ी परियोजना को लेकर थी, लेकिन इसकी टाइमिंग को लेकर चर्चाएं तेज हो गईं। यह बैठक तब हुई जब कुछ घंटों पहले ही उद्योग मंत्री और शिंदे सेना नेता उदय सामंत का एक पत्र सामने आया था, जिसमें उन्होंने अपने विभाग के अधिकारियों को उनके संज्ञान में लाए बिना कोई निर्णय न लेने का निर्देश दिया था। इस घटनाक्रम ने यह संकेत दिया कि शिंदे गुट के भीतर भी असंतोष बढ़ रहा है।

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