नेतृत्व परिवर्तन को लेकर सार्वजनिक बयानबाजी
सूत्रों के अनुसार, यह निर्देश विशेष रूप से उस समय दिया गया जब पार्टी के कई विधायकों और मंत्रियों ने नेतृत्व परिवर्तन के मुद्दे पर सार्वजनिक रूप से अपनी राय दी थी। कुछ विधायकों ने नेतृत्व परिवर्तन की संभावना को लेकर संकेत दिए, जबकि कुछ ने इसे पूरी तरह से खारिज कर दिया। इस घटनाक्रम ने कांग्रेस पार्टी के भीतर राजनीति और सत्ता के संभावित बदलाव को लेकर चर्चाओं का माहौल बना दिया है।
रात्रिभोज के बाद सत्ता परिवर्तन की अटकलें
हाल ही में मुख्यमंत्री सिद्धारमैया की ओर से मंत्री सतीश जरकीहोली के आवास पर आयोजित रात्रिभोज के बाद कर्नाटक कांग्रेस के भीतर चर्चा तेज हो गई है कि राज्य बजट पेश किए जाने के बाद मार्च में प्रदेश में सत्ता परिवर्तन हो सकता है। खासकर इस बारे में चर्चा है कि पार्टी के भीतर एक ‘दूसरे मुख्यमंत्री’ या सत्ता-साझाकरण फार्मूले के तहत बदलाव संभव है।
इसके साथ ही, 2023 के विधानसभा चुनाव के बाद कांग्रेस पार्टी के भीतर एक समझौता हुआ था, जिसके तहत सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार को बारी-बारी से मुख्यमंत्री बनाया जाना था। यह स्थिति कर्नाटक की राजनीतिक स्थिति को एक नई दिशा की ओर इशारा कर रही है और पार्टी में भविष्य में नेतृत्व परिवर्तन को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं चल रही हैं।
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