Molitics Logo
होम मिस वर्ल्ड 2024 को लेकर विवाद, तेलंगाना सरकार पर बरसे KTR – "राहुल गांधी, ये कैसा लॉजिक?"

मिस वर्ल्ड 2024 को लेकर विवाद, तेलंगाना सरकार पर बरसे KTR – "राहुल गांधी, ये कैसा लॉजिक?"

बजट सत्र के दौरान जब इस आयोजन के लिए 200 करोड़ रुपये खर्च करने की बात सामने आई, तो BRS के विधायकों ने विधानसभा में जमकर विरोध प्रदर्शन किया।

मिस वर्ल्ड 2024 को लेकर विवाद, तेलंगाना सरकार पर बरसे KTR – "राहुल गांधी, ये कैसा लॉजिक?"
फोटो: मिस वर्ल्ड 2024 को लेकर विवाद, तेलंगाना सरकार पर बरसे KTR – "राहुल गांधी, ये कैसा लॉजिक?"
तेलंगाना में होने वाली मिस वर्ल्ड प्रतियोगिता को लेकर सियासी घमासान मचा हुआ है। विपक्षी दल भारत राष्ट्र समिति (BRS) ने राज्य की कांग्रेस सरकार पर निशाना साधते हुए सवाल उठाया है कि आर्थिक संकट और बढ़ते कर्ज के बावजूद 200 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि एक सौंदर्य प्रतियोगिता पर कैसे खर्च की जा रही है? बजट सत्र के दौरान जब इस आयोजन के लिए 200 करोड़ रुपये खर्च करने की बात सामने आई, तो BRS के विधायकों ने विधानसभा में जमकर विरोध प्रदर्शन किया। विपक्ष ने तर्क दिया कि यह राशि किसानों के हित में खर्च की जानी चाहिए। BRS ने मांग की कि सूखा प्रभावित किसानों को प्रति एकड़ 25,000 रुपये की सहायता दी जाए, बजाय इसके कि सरकार इस राशि को एक ब्यूटी कॉन्टेस्ट पर खर्च करे।

BRS नेता केटी रामा राव का कांग्रेस पर हमला


BRS नेता केटी रामा राव (KTR) ने कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोला और इसे जनता के पैसे का दुरुपयोग बताया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा, "हैदराबाद में फॉर्मूला-ई रेस के लिए 46 करोड़ रुपये खर्च करना गलत था और इस पर केस दर्ज किया जाएगा। लेकिन मिस वर्ल्ड, एक सौंदर्य प्रतियोगिता आयोजित करने के लिए जनता के पैसे से 200 करोड़ रुपये खर्च करना सही है? यह क्या तर्क है? क्या आप राहुल गांधी जी को समझा सकते हैं?" 

KTR ने आगे सवाल उठाते हुए कहा, "कांग्रेस सरकार चाहती है कि हम यह मान लें कि तेलंगाना में सब ठीक है। लेकिन अगर सब सही चल रहा है, तो मुख्यमंत्री ने अचानक कल यह क्यों स्वीकार किया कि राज्य में नकारात्मक आर्थिक वृद्धि है और 71,000 करोड़ रुपये का घाटा हो चुका है?"

गौरतलब है कि 72वीं मिस वर्ल्ड प्रतियोगिता का आयोजन हैदराबाद में 7 मई से 31 मई 2024 के बीच होने वाला है। राज्य सरकार का उद्देश्य इस कार्यक्रम के जरिए तेलंगाना को प्रमुख पर्यटन केंद्र के रूप में स्थापित करना है। 28 साल बाद यह प्रतिष्ठित सौंदर्य प्रतियोगिता भारत में लौट रही है। इससे पहले 1996 में बेंगलुरु में मिस वर्ल्ड प्रतियोगिता का आयोजन किया गया था। हालांकि, इस आयोजन को लेकर राजनीतिक विवाद थमता नजर नहीं आ रहा। विपक्ष का आरोप है कि सरकारी धन का दुरुपयोग हो रहा है, जबकि सरकार इसे राज्य की वैश्विक पहचान और पर्यटन विकास का एक जरिया बता रही है।

Read This Also:- कर्नाटक में सरकारी ठेकों में 4% आरक्षण लागू, विधायकों की सैलरी भी बढ़ी